रायपुर

रायपुर से E-20 पेट्रोल पर देश का पहला बड़ा फैसला! कार खराब होने पर कंपनी देगी नई गाड़ी या 21.60 लाख रुपए

Raipur Consumer Forum Decision: रायपुर में E-20 पेट्रोल से कार खराब होने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कंपनी को नई कार देने या 21.60 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया गया। जानिए पूरा मामला और लैब रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ।
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Jul 15, 2026
E20 Petrol Car Damage
E20 पेट्रोल से कार खराब (photo source- Patrika)

E20 Petrol Car Damage: एथेनॉल मिश्रित (ई-20) पेट्रोल के कारण कार खराब होने के एक अनोखे मामले में रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (अतिरिक्त पीठ) ने देश का पहला और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कून्डु और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की पीठ ने माना कि कार का इंजन ई-20 पेट्रोल को सपोर्ट नहीं कर रहा था, जिसके कारण वह बार-बार खराब हो रही थी।

फोरम ने डीलर और निर्माता कंपनी को आदेश दिया है कि वे 45 दिनों के भीतर पीड़ित डॉक्टर को ई-20 सपोर्ट करने वाली उसी मॉडल की दूसरी नई कार दें, या फिर वाहन की कीमत 2050494 रुपए लौटाएं। इसके साथ ही मानसिक प्रताड़ना के एवज में 1 लाख और वाद व्यय के रूप में 10000 (कुल करीब 21.60 लाख रुपए) देने का आदेश दिया है। तय समय पर भुगतान न करने पर 7 फीसदी ब्याज भी देय होगा।

E20 Petrol Case: क्या है पूरा मामला?

सड्डू (रायपुर) निवासी डॉ. प्रेमराज देवता ने 3 जून 2024 को एक 'ग्रैंड विटारा' कार खरीदी थी। कुछ महीनों बाद, 11 नवंबर 2024 को कार में खराबी आने पर वे उसे कंपनी के वर्कशॉप ले गए। वहां उन्हें बताया गया कि मिलावटी पेट्रोल के कारण खराबी आई है। वर्कशॉप द्वारा बार-बार रिपेयरिंग करने और पेट्रोल टंकी साफ करने के बाद भी कार लगातार खराब होती रही। इस दौरान डीलर और कंपनी ने कार में किसी भी तरह की निर्माणगत त्रुटि होने से इनकार करते हुए हाथ खड़े कर दिए।

लैब टेस्ट से खुली पोल

लगातार खराबी से परेशान होकर कार मालिक ने पेट्रोल का सैंपल लेकर मान्यता प्राप्त 'एसजीएस लैब' में परीक्षण कराया। लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पेट्रोल गुणवत्ताहीन (इंजन के अनुकूल नहीं) था, जिसके कारण ही इंजन बार-बार चोक हो रहा था। दूसरी ओर, जब डॉक्टर ने संबंधित पेट्रोल पंप से संपर्क किया, तो पता चला कि किसी अन्य वाहन मालिक ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। कोई समाधान न निकलता देख और कंपनी द्वारा कार का मूल्यांकन केवल 12 लाख लगाए जाने पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली।

E20 Fuel Problem India: क्या है E-20 पेट्रोल विवाद? कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति के तहत E-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण घटाना है। हालांकि, E-20 पेट्रोल को लेकर कुछ वाहन मालिकों ने इंजन की परफॉर्मेंस, माइलेज और तकनीकी दिक्कतों को लेकर सवाल भी उठाए हैं। रायपुर का यह मामला इसी विवाद से जुड़ा है, जहां एक कार मालिक ने दावा किया कि E-20 पेट्रोल के कारण उसकी नई कार बार-बार खराब होने लगी।

Updated on:
15 Jul 2026 06:55 am
Published on:
15 Jul 2026 06:55 am