15 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chhattisgarh Politics: झीरम कांड पर सदन में गरजे CM साय, बोले- कांग्रेस ने आरोपियों को कभी सजा नहीं दिलाई

Monsoon Session Update: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में खाद-बीज की कमी को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने नारेबाजी की, जिसके बाद वह स्वयंमेव निलंबित हो गया।
3 min read
Google source verification
Chhattisgarh Politics

विधानसभा में सीएम साय का तीखा भाषण (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Politics: विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन खाद-बीज की कमी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्ता और विपक्ष के बीच नोंकझोक भी देखने को मिली। विपक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। खेती-किसानी के समय में उन्हें न तो खाद मिल रही है और न ही बीज। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित 35 विपक्ष के विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा कराने की मांग रखी।

Chhattisgarh Assembly News: सभी विपक्ष के विधायकों का निलंबन वापस

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव की सूचना पढ़कर सुनाई। इसके बाद मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में अपना जवाब पढ़ा। उन्होंने कहा कि खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। मंत्री के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। इससे वे स्वयंमेव निलंबित हो गए। कुछ देर बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विपक्ष के विधायकों का निलंबन वापस ले लिया। इसके बाद विपक्ष सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया।

शून्यकाल में पूर्व बघेल ने कहा कि खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। खाद का कोटा भी कम किया गया है। बारिश भी कम हुई है, जिससे बोनी भी पिछड़ी हुई है। किसान खाद के लिए भटकते रहे, खाद्य सोसायटी मे उपलब्ध नहीं था, लेकिन व्यापारियों के पास उपलब्ध है। किसानों को लुटा जा रहा है। बिजली की कटौती की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि डीएपी, पोटाश जैसे खाद नदारद है। किसान कृषि विभाग के कुप्रबन्धन का शिकार हो गए हैं।

90 फीसदी उर्वरक का भंडारण

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 14.06 लाख मीट्रिक टन यानी लगभग 90 प्रतिशत उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। वहीं प्रमाणित बीजों 4.54 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया था, जिनमें से 3.73 लाख क्विंटल का वितरण हो चुका है और लगभग एक लाख क्विंटल बीज अभी भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि डीएपी और पोटाश के साथ-साथ एनपीके और सिंगल सुपर फॉस्फेट जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है।

अविश्वास प्रस्ताव सदन में पेश, 17 को चर्चा

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सत्र के अंतिम दिन यानि 17 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। बता दें कि राज्य गठन के बाद यह विधानसभा में लाया जाने वाला 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले 9 बार सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जा चुके हैं, लेकिन हर बार सरकार सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रहीं।

Chhattisgarh Monsoon Session 2026: दवाब बनाने अनिल अग्रवाल पर एफआईआर: विपक्ष, प्रक्रियागत कार्रवाई: मंत्री

प्रश्नकाल में औद्योगिक संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं को लेकर तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि औद्योगिक दुर्घटनाओं में सैकड़ों की मौत हुई है। इनका ऑडिट होता है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि समय-समय नियमानुसार ऑडिट होता है। नेता प्रतिपक्ष ने वेंदाता मामला उठाते हुए जवाब में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम नहीं होने पर सवाल उठाएं। उन्होंने पूछा कि अग्रवाल से पूछताछ के लिए टीम इंग्लैंड गई थी?

उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रकरण की विवेचना चल रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कंपनी के चेयरमैन के खिलाफ पहली बार कार्रवाई हुई है। क्या अन्य औद्योगिक दुर्घटना में भी चेयरमैंन के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दवाब बनाने के लिए की गई है। प्लांट बेचने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। मंत्री ने कहा, अग्रवाल को क्यों बचाना चाहते हैं। इसके बाद सदन में हंगामा होने लगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

झीरम कांड के आरोपियों को कांग्रेस ने नहीं दी सजा : सीएम

मंगलवार को सदन में नक्सल मुक्त बस्तर के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित बस्तर की जनता का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस अपने पांच साल के कार्यकाल में सिर्फ झीरम कांड पर राजनीति करती रही। हमारी सरकार ने तो झीरम कांड में शहीद हुए उनके नेताओं के आरोपी नक्सलियों को पूरी तरह से न्यूट्रलाइज किया। इसके बावजूद कांग्रेस आज भी झीरम कांड के मुख्य आरोपी हिड़मा को अपना रोल मॉडल मानती है।

इसलिए नक्सल मुक्त बस्तर के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कांग्रेस का एक भी विधायक सदन में मौजूद नहीं है। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने पिछले ढाई साल में बस्तर के विकास के लिए किए गए कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, दशकों तक नक्सल हिंसा ने विकास, शिक्षा और जनजीवन को किया प्रभावित, अब बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर की ओर तेजी से अग्रसर है। नक्सल मुक्त में सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसहयोग और पुनर्वास नीति से मिली निर्णायक सफलता मिली है।