DA Hike: राज्य न्यायिक सेवा के अधिकारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद न्यायिक अधिकारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिलेगा।
DA Hike: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के डीए (महंगाई भत्ता) में 2 फीसदी की वृद्धि कर दी है। इसके बाद राज्य सरकार ने राज्य न्यायिक सेवा के अधिकारियों के डीए में भी 2 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इससे पहले बढ़ती महंगाई को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) ने भी अपने कर्मचारियों का डीए 2 फीसदी बढ़ा दिया है। इसके बाद प्रदेश के करीब साढ़े चार लाख कर्मचारियों को अपने डीए बढ़ने का इंतजार है। इसकी घोषणा में हो रही देरी से कर्मचारियों में आक्रोश तेजी से बढ़ रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार हर बार डीए देने में देरी करती है। इसके अलावा उन्हें तय तिथि से डीए नहीं मिलता है। इसके कारण उनको हर बार एरियर्स का नुकसान उठाना पड़ता है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि क्या महंगाई सिर्फ केंद्रीय और सीएसपीटीसीएल के कर्मियों के लिए बढ़ती है।
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केंद्र सरकार हर साल जनवरी और जुलाई में डीए बढ़ाने की घोषणा करती है। इसके अनुसार राज्य सरकार भी डीए बढ़ाती है। कर्मचारियों के मुताबिक, सरकार डीए बढ़ाती है, लेकिन देय तिथि से लागू नहीं करती। इससे कर्मचारियों को चार से पांच महीने पुराने डीए दर के आधार पर वेतन का भुगतान होता है।
राज्य के कर्मचारियों को जनवरी 2026 में तीन फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाया गया था। वित्त विभाग ने इसका आदेश जारी किया था। जारी आदेश के बाद सातवें वेतनमान में 1 जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में 1 जनवरी 2026 से 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलना शुरू हुआ था। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार की जाती है।
कर्मचारियों को महंगाई भत्ते और एरियर्स नहीं मिलने के कारण भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान डीए की घोषणा में देरी होने से हर महीने 200 से 3 हजार तक का सीधा नुकसान हो रहा है और लंबित एरियर्स राशि का भुगतान न होने से वे आक्रोशित हैं। इसे लेकर लगातार छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन मांग कर रहा है। उनकी मांग है कि लंबित एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जमा किया जाए। इस मामले में कर्मचारी मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
वर्जन
डीए बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया है। भाजपा शासित अन्य राज्य जैसे राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों में डीए की घोषणा हो गई है। यहां भी डीए की घोषणा जल्द करना चाहिए।
वर्जन
सरकार समय पर कर्मचारियों को डीए दें, ताकि महंगाई से राहत मिल सके। सरकार देय तिथि से डीए का आदेश जारी करें, ताकि आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़े।