
CG Assembly Session: विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सुकमा व दंतेवाड़ा के सरहदी गांवों में बिना ठेका के पुलिया निर्माण को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के विधायकों ने डिप्टी सीएम व पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव को घेरा। विपक्ष बिना स्वीकृति के पुलिया निर्माण के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जबकि डिप्टी सीएम का कहना था कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सामग्री पहुंचाने के लिए पुलिया निर्माण शुरू हुआ। इसे लेकर डिप्टी सीएम साव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सीधे तौर पर आमने-सामने हो गए। इसके बाद विपक्ष डिप्टी सीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने नारेबाजी को सदन की कार्यवाही से विलोपित करवा दिया। इसके बाद विपक्ष ने बहिगर्मन कर दिया।
दरअसल, प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि यह कौन सा नियम है कि पहले पुल बनेगा, फिर टेंडर होगा? इन पुलियों के निर्माण की लागत भी अधिक है। जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है। सब इंजीनियर क्या सरकार से बड़ा है? क्या दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे, जब मंत्री ने काम शुरू होने के कारण बताते हुए कार्रवाई करने से इनकार किया, तो पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने भी कवासी लखमा के समर्थन में उतर आए।
उन्होंने कहा,जब मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि आचार संहिता के दौरान बिना टेंडर के काम हुआ है, तो फिर दोषी अफसरों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब साफ है कि अफसरों को सरकार का संरक्षण मिला हुआ है।
वहीं पुल निर्माण को लेकर कवासी लखमा ने सुकमा का जिक्र किया, तो अजय चंद्राकर ने कमेंट करते हुए पूछा कि दादी सुकमा कब गए थे। इस पर कवासी लखमा ने कहा कि तो क्या मैं पाकिस्तान में रहता हूं?। इस पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आपके बड़े नेताओं के विचार तो पाकिस्तानियों जैसे ही हैं।
मंत्री के तंज का जवाब देते हुए लखमा ने कहा कि आपके विचार बांग्लादेशियों वाले हैं क्या। लखमा ने कहा कि इन लोगों को समझ आ रहा है कि आज इनकी पोल खुलने वाली है, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। इस पर मुस्कुरा कर डॉ. रमन सिंह ने कहा- आज चंद्राकर, कवासी लखमा को डिस्टर्ब नहीं करेंगे। स्पीकर रमन सिंह ने कांग्रेस के लगाए नारों को रिकॉर्डिंग से हटवाने के लिए कह दिया है।
डिप्टी सीएम साव ने कहा, जहां पुल बना वहां आसपास सुरक्षा बलों के कैंप हैं। बारिश में सुरक्षाबलों के राशन पहुंचाने और उनके आने-जाने में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने पुल का कुछ हिस्सा बनवाया। बाद में इसका काम रोक दिया गया। इसमें एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया गया है। आज टेंडर खोला जा रहा है जो एजेंसी तय होगी उसे काम दिया जाएगा।
विधानसभा में छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन संशोधन विधेयक 2024 को सदन की पटल पर रखा गया। इसमें विधायक का अतिरिक्त भत्ता की राशि को दोगुना कर दिया गया। विधायकों को अतिरिक्त भत्ता 1 हजार रुपए प्रतिदिन के स्थान पर 2 हजार रुपए प्रतिदिन देने का प्रावधान किया गया है।