
रेड सिग्नल पर लोको पायलट भूलेगा तो कवच लगाएगा ट्रेन में ब्रेक (;Photo Patrika)
Indian Railways Kavach: ट्रेनों को टक्कर और दुर्घटनाओं से बचाने वाली स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' अब दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पूरी तरह से लागू होने वाली है। रेलवे ने जोन के तीनों मंडलों रायपुर, बिलासपुर और नागपुर में कवच का काम तेजी से शुरू कर दिया है। कई सेक्शनों में फील्ड टेस्ट पूरे हो चुके हैं। रेलवे के अनुसार जोन में कुल 2,430 किलोमीटर रूट पर यह प्रणाली लागू की जानी है। परियोजना के तहत अब तक 238 लोकोमोटिवों में कवच के ऑनबोर्ड उपकरण लगाए जा चुके हैं। साथ ही संचार नेटवर्क के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और संचार टावर लगाने का काम भी प्रगति पर है। मुंबई-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर टावरों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है।
कवच भारतीय रेल की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह ट्रेनों के आपस में टकराने, सिग्नल पार करने और ओवरस्पीड जैसी घटनाओं को रोकता है। सिस्टम लोको में लगे उपकरण और ट्रैक साइड उपकरणों के जरिए आपस में संवाद करता है। खतरा होने पर यह अपने आप ट्रेन की ब्रेक लगा देता है।
23 जुलाई को नागपुर रेल मंडल के अंतर्गत कलमना-सालवा (25 किलोमीटर) रेलखंड में एसआईएल-4 स्तर का कवच ट्रायल ब्रेकिंग मोड ऑन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस परीक्षण के दौरान कवच प्रणाली की विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान सिग्नल आस्पेक्ट की पहचान, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, ऑटोमैटिक स्पीड कंट्रोल और आपातकालीन अलर्ट का परीक्षण किया गया।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर मंडल के दुर्ग-मांढर 49 किमी रूट सेक्शन को चालू वित्तीय वर्ष में कवच के लिए चिन्हित किया गया है। यहां आरएफआईडी टैग लगाने का काम पूरा हो चुका है। रेलवे ने सितंबर तक लोकोमोटिव ट्रायल शुरू करने और इसी महीने सेक्शन में कवच की कमीशनिंग का लक्ष्य रखा है।
नागपुर मंडल के नागपुर-दुर्ग 260 रूट किमी सेक्शन को एसआईएल-4 कमीशनिंग के लिए चुना गया है। नागपुर-गोंदिया में सभी फील्ड इंस्टॉलेशन का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट और लोकोमोटिव ट्रायल चल रहे हैं। वहीं गोंदिया-दुर्ग सेक्शन में फील्ड इंस्टॉलेशन का कार्य प्रगति पर है। वहीं मुंबई-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर संचार टावरों की स्थापना लगभग पूरी हो चुकी है। जबकि ऑप्टिकल फाइबर केबल, ओएफसी बिछाने का कार्य जारी है।
Updated on:
27 Jul 2026 11:23 am
Published on:
27 Jul 2026 11:23 am
