रायपुर

बस्तर में ‘साइलेंट किलर’ का खतरा! हर दूसरे आदिवासी वयस्क में पाई गई ये समस्या, रिसर्च में खुलासा

World Hypertension Day: राजनांदगांव की रिसर्चर डॉ. निशा मेश्राम की रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार हर दूसरे आदिवासी वयस्क में हाई बीपी की समस्या पाई गई…

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May 17, 2026
बस्तर में हर दूसरे आदिवासी वयस्क को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ( Photo - Patrika )

World Hypertension Day: ताबीर हुसैन. प्राकृतिक जीवनशैली और मेहनतकश दिनचर्या के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर में अब उच्च रक्तचाप तेजी से बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। बस्तर के लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में किए गए एक मेडिकल रिसर्च ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल प्लेटफॉर्म ‘पबमेड सेंट्रल’ में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार क्षेत्र के लगभग हर दूसरे आदिवासी वयस्क में हाई बीपी की समस्या पाई गई।

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World Hypertension Day: 330 आदिवासियों पर किया शोध

यह शोध 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 330 आदिवासियों पर किया गया। अध्ययन में कुल 47.3 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित पाए गए। इनमें 27.3 प्रतिशत स्टेज-1 हाइपरटेंशन और 13.9 प्रतिशत स्टेज-2 हाइपरटेंशन के मरीज थे, जबकि केवल 6 प्रतिशत मामलों में पहले से बीमारी का निदान हुआ था। इसके अलावा 34.9 प्रतिशत लोग प्री-हाइपरटेंशन श्रेणी में पाए गए।

तंबाकू, मदिरापान और बदलती जीवनशैली बनी वजह

शोधकर्ता डॉ. निशा मेश्राम ने बताया कि उन्होंने यह विषय इसलिए चुना क्योंकि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय में उच्च रक्तचाप की वास्तविक स्थिति और उसके जोखिम कारकों को समझना जरूरी था। उन्होंने कहा कि इस शोध कार्य के लिए उनके गाइड डॉ. निर्मल वर्मा ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। स्मोकलेस तंबाकू, अत्यधिक मदिरापान और बदलती जीवनशैली उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण पाए गए।

शोधकर्ता डॉ. निशा मेश्राम

रिसर्च के दौरान चुनौती

उन्होंने बताया कि रिसर्च के दौरान भाषा संबंधी कठिनाइयां भी सामने आईं, लेकिन मितानिनों, बीएमओ और सीएमएचओ जगदलपुर के सहयोग से अध्ययन पूरा हो सका।

कर रहीं शोध कार्य

निशा मेश्राम ने बताया कि इस स्टडी की रिपोर्ट शासन को एमपीसीडीसीएस नोडल ऑफिसर के माध्यम से सौंपी गई थी, जिसके बाद सुधार के प्रयास तेज हुए और अब स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।

यह 'साइलेंट किलर' बीमारी

बता दें कि विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day) हर साल 17 मई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के खतरों, इसके कारणों और बचाव के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। उच्च रक्तचाप एक 'साइलेंट किलर' (Silent Killer) है, क्योंकि शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते इसके कारण दिल का दौरा (Heart Attack), स्ट्रोक और किडनी खराब होने जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। इस दिवस के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

हैल्थ स्कैन, एक नजर में

कुल हाइपरटेंशन - 47.3%
स्टेज-1 हाइपरटेंशन - 27.3%

स्टेज-2 हाइपरटेंशन - 13.9%
पहले से डायग्नोज मरीज - 6%

प्री-हाइपरटेंशन - 34.9%
तंबाकू सेवन करने वाले - 72.8%

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Published on:
17 May 2026 02:16 pm
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