
Analog Paneer: राज्य सरकार के प्रतिबंध के बाद उम्मीद है कि प्रदेश में असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेचने का कारोबार अब थम जाएगा। पत्रिका ने अपनी पड़ताल में पाया कि बड़े होटलों, छोटे रेस्टोरेंट, ढाबों और गांव-शहर के कई खाद्य प्रतिष्ठानों में एनालॉग पनीर परोस कर ग्राहकों से असली पनीर का पैसा वसूल किया जा रहा है। कारोबारी सूत्रों के अनुसार प्रदेश में एनालॉग पनीर का मासिक कारोबार 500 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
केवल रायपुर में ही इसका कारोबार 40-50 करोड़ रुपए प्रतिमाह तक बताया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचना उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। उपभोक्ता संगठनों ने मांग की है कि बड़े पैमाने पर सैंपलिंग अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
एनालॉग पनीर वनस्पति तेल, स्टार्च, मिल्क सॉलिड और अन्य मिश्रित पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसकी लागत असली पनीर की तुलना में काफी कम होती है, लेकिन इसे असली पनीर बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। कारोबारियों के अनुसार एक किलो एनालॉग पनीर से 1,500 रुपए तक की कमाई संभव है, जबकि उत्पादन लागत इससे काफी कम पड़ती है।
भाठागांव स्थित एक पनीर फैक्ट्री में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई के बाद इस कारोबार की परतें खुली थीं। उस कार्रवाई में एनालॉग पनीर के उत्पादन और सप्लाई से जुड़े कई तथ्य सामने आए थे। विभाग ने पहले भी विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की है, लेकिन यह कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका।
रायपुर के अलावा दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जगदलपुर और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में एनालॉग पनीर की सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय है। बड़े होटल और रेस्टोरेंट में उपभोक्ताओं को बिना जानकारी दिए इसे पनीर की सब्जी, टिक्का, रोल और अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की है कि राज्य में आज से एनालॉग पनीर (Analog Paneer) पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाजार में बड़ी मात्रा में बिक रहे एनालॉग पनीर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई स्थानों पर ऐसा पनीर पाया गया, जो पारंपरिक दूध से तैयार नहीं किया गया था, बल्कि वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य सामग्री से बनाया गया था।