रायपुर

रायपुर रेलवे स्टेशन पर चाय घोटाला! नापतौल विभाग ने फर्म पर ठोका 40 हजार का जुर्माना, रेलवे अब भी खामोश

IRCTC Cup Scam: रायपुर रेलवे स्टेशन पर चाय-कॉफी बिक्री में लंबे समय से चल रहे कप घोटाले का खुलासा होने के बाद नापतौल विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

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Jun 11, 2026
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Raipur Railway Station Tea Scam: चाय घोटाला (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Raipur Railway Station Tea Scam: रायपुर रेलवे स्टेशन पर चाय-कॉफी बिक्री में लंबे समय से चल रहे कप घोटाले का खुलासा होने के बाद नापतौल विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में मानक से कम क्षमता वाले कपों के उपयोग की पुष्टि होने पर गुढ़ियारी स्थित आदित्य पेपर फर्म और उसके एक पार्टनर पर 20-20 हजार रुपए, कुल 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अब विभाग जब्त किए गए कपों के नष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।

मामला उस समय सामने आया जब रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) और नापतौल विभाग की संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर में छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान कम क्षमता वाले कपों से भरे 14 बोरे जब्त कर सील किए गए थे। बाद में इन्हें परीक्षण के लिए नापतौल विभाग की प्रयोगशाला भेजा गया, जहां निर्धारित मानकों से कम क्षमता पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

उपभोक्ता हो रहे भ्रमित

जिला नापतौल अधिकारी आर.एस. सोरी ने बताया कि जब्त किए गए सभी कपों को नष्ट करने के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत पत्र जारी किया जाएगा। विभाग का मानना है कि ऐसे कप उपभोक्ताओं को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं और विधिक मानकों का उल्लंघन करते हैं।

नहीं की गई कोई दंडात्मक कार्रवाई

इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन कपों पर आईआरसीटीसी का लोगो छपा हुआ था। आरोप है कि इसी लोगो का उपयोग कर यात्रियों को मानक मात्रा का भ्रम दिया जाता रहा, जबकि वास्तविक क्षमता कम होने के कारण उन्हें कम मात्रा में चाय या कॉफी परोसी जा रही थी। इसके बावजूद अब तक रेलवे की ओर से संबंधित फर्म के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

हजारों यात्री उठा रहे थे नुकसान

सूत्रों के अनुसार, स्टेशन पर 5 रुपए वाली चाय को 10 रुपए क्षमता वाले कप में परोसकर बेचा जा रहा था। इस तरह प्रत्येक कप में लगभग 5 रुपए मूल्य की मात्रा कम देकर यात्रियों से वसूली की जा रही थी। यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही थी और प्रतिदिन हजारों यात्रियों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा था।

मामले के उजागर होने के बाद रेलवे की निगरानी व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी सवाल उठने लगे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है और संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यात्रियों की नजर अब रेलवे की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

Published on:
11 Jun 2026 07:46 am