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नवा रायपुर रेलवे प्रोजेक्ट: 16 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, 518 एकड़ पर विस्तार शुरू, कई जिलों को मिलेगा लाभ

Railway Land Acquisition Abhanpur: नवा रायपुर को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए एक बड़ी परियोजना की शुरुआत हुई है। अभनपुर क्षेत्र के 16 गांवों की लगभग 518 एकड़ जमीन इस मल्टी ट्रैकिंग रेल परियोजना के दायरे में आ रही है।

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रायपुर

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Khyati Parihar

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अजय रघुवंशी

Jun 03, 2026

Railway Project

नवा रायपुर में जल्द बिछेगी नई रेल लाइन (photo AI)

रायपुर @ अजय रघुवंशी। Nava Raipur Rail Corridor Project: नवा रायपुर को नई रेल कनेक्टिविटी देने और प्रस्तावित रेलवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को गति प्रदान करने के लिए अभनपुर क्षेत्र के 16 गांवों की करीब 518 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों से 30 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा है। इससे पहले मंदिर हसौद क्षेत्र में अधिग्रहण की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी और अब परियोजना का दायरा अभनपुर तक पहुंच गया है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 248 किलोमीटर लंबा रेल प्रोजेक्ट न केवल नवा रायपुर को नई रेल सुविधा से जोड़ेगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को ओडिशा से बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगा, जिससे माल परिवहन, औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

16 गांवों के 518 एकड़ एरिया से गुजरेगी नई रेललाइन

अधिग्रहण की जद में अभनपुर क्षेत्र के पलौद, गिरोला, परसदा, खट्टी, अभनपुर, उरला, सारखी, कोलर, खोरपा, ढोंढरा, बेलभाठा, तर्रा, जामगांव, नवागांव, थनौद और खरखराडीह सहित 16 गांव आएंगे। परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और ग्रामीणों की नजरें अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी है।

फैक्ट फाइल

  • अभनपुर का कुल क्षेत्रफल- 145.78 हेक्टेयर
  • गोबरानवापारा कुल क्षेत्रफल- 64.65 हेक्टेयर
  • संपूर्ण क्षेत्रफल- 210.43 हेक्टेयर

योजना के बारे में

  • योजना का नाम- मल्टी ट्रैकिंग परियोजना
  • कनेक्टिविटी-छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा
  • जिले व दूरी- 15 जिलों को मिलाकर 1247 किमी.
  • कुल लागत-18,658 करोड़
  • छत्तीसगढ़ की सीमा की लंबाई- 248 किमी.
  • डीजल की बचत- 22 करोड़ रुपए
  • इन जिलों को मिलेगा लाभ-रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाज़ार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव।

प्रधानमंत्री ने बीते वर्ष योजना को दी थी मंजूरी

इस परियोजना को केंद्र सरकार ने भी प्राथमिकता में रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2025 में देश की चार मल्टी ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें यह प्रोजेक्ट भी शामिल है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि लाइन शुरू होने के बाद रायपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए माल परिवहन का नया विकल्प तैयार होगा। नई रेल लाइन का सीधा फायदा बलौदाबाजार और उससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा। इससे सीमेंट संयंत्रों, इस्पात इकाइयों और अन्य औद्योगिक निवेश को मजबूत आधारभूत संरचना मिलेगी।