
विनोद जैन/Chhattisgarh News: वार्ड क्रमांक-20 के शीतलापारा में भवन निर्माण को लेकर नगर पालिका परिषद ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। स्वीकृत भवन अनुज्ञा और नक्शे की सीमा से अधिक निर्माण किए जाने के मामले में पालिका ने योगिता सिन्हा एवं खेलावन राम सिन्हा को दूसरा नोटिस जारी किया है।
नगर पालिका की ओर से 7 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस में संबंधित पक्ष को सात दिनों के भीतर अतिरिक्त निर्माण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका के अनुसार भवन निर्माण के लिए स्वीकृत भवन अनुज्ञा और स्वीकृत नक्शे की सीमा से अधिक अतिरिक्त निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी मामले में इससे पहले 27 अगस्त 2026 को भी संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी अतिरिक्त निर्माण से जुड़े भूमि स्वामित्व और अन्य जरूरी दस्तावेज पालिका के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए।
नोटिस में बताया गया है कि संबंधित पक्ष की ओर से 22 सितंबर 2026 को भवन अनुज्ञा की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, पालिका के मुताबिक अतिरिक्त निर्माण वाले हिस्से से संबंधित भूमि के स्वामित्व अथवा अधिकार को प्रमाणित करने वाले आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ प्रस्तुत नहीं किए गए। ऐसे में अब पालिका ने दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दूसरा नोटिस जारी किया है।
नगर पालिका ने नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अतिरिक्त निर्माण वाले हिस्से से संबंधित भूमि स्वामित्व या अधिकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्वीकृत नक्शा, भवन अनुज्ञा और अतिरिक्त निर्माण को वैध ठहराने से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी पालिका के समक्ष पेश करने को कहा गया है।
दूसरे नोटिस में नगर पालिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि में मांगे गए दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात नोटिस में कही गई है। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।
इस मामले में नगर पालिका की ओर से दूसरा नोटिस जारी होने के बाद अब मामला केवल भवन निर्माण की अनुमति तक सीमित नहीं रह गया है। पालिका ने अतिरिक्त निर्माण वाले हिस्से के भूमि स्वामित्व, अधिकार और निर्माण को वैध ठहराने वाले दस्तावेजों की मांग की है। अब संबंधित पक्ष को निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में पालिका उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।