नर्सिंग का प्रशिक्षण ले चुकी मिमानिनों को एएनएम-जीएनएम की सीधी भर्ती का रास्ता खुल सकता है। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं।
रायपुर. नर्सिंग का प्रशिक्षण ले चुकी मिमानिनों को एएनएम-जीएनएम की सीधी भर्ती का रास्ता खुल सकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चंद्राकर और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सेवा भर्ती नियमों के संशोधन कर इन ऐसी महिलाओं के लिए व्यवस्था करने को कहा है।
दरअसल, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता संघ की आधा दर्जन महिलाएं नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव से मिली थीं। उनका कहना था, 2013 में सरकार ने उन्हें एएनएम और जीएनएम का प्रशिक्षण दिया था। उस समय वे लोग मितानिन कार्यक्रम मेंं प्रशिक्षक थीं। बेहतर भविष्य की उम्मीद में प्रदेश भर में उनके जैसी महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया। उन्हें प्रमाणपत्र और गणवेश मिला, लेकिन नौकरी नहीं मिली। वे लोग कई वर्षों से एएनएम पद पर भर्ती की कोशिशों में लगी हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने इस बावत मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से बात की। विधानसभा की कार्रवाई खत्म होने के बाद शाम को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री खुद ही नेता प्रतिपक्ष के कमरे में आए। दोनों ने महिलाओं की बात सुनी। मुख्यमंत्री ने रास्ता निकालने का भरोसा दिलाया। उनका कहना था, प्रशिक्षित महिलाएं तब तक मितानिन का काम करती रहें, बाद में कई चरणों में उनको समायोजित कर लिया जाएगा।
परीक्षा नहीं, सीधी भर्ती मांगी
मुख्यमंत्री से मिलने आई जुलेता तिर्की, दुलारी पटेल, राजवंती राजवाड़े, नंदिनी राजवाड़े, संतोषी चंदेल आदि ने कहा, वे स्वास्थ्य कार्यकर्ता के तौर पर काम कर चुकी हैं। ऐसे में उनके लिए भर्ती में सीट आरक्षित रखी जाए, नियमित सीधी भर्ती हो, भर्ती में उम्र और जातीय आरक्षण का बंधन न हो।