
Chhattisgarh News: रायपुर के पुरानी बस्ती इलाके में एक कर्मचारी के 5 लाख रुपए लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। कर्मचारी को उसके मालिक ने बैंक में रकम जमा करने के लिए भेजा था, लेकिन वह बैंक पहुंचने के बजाय पैसे लेकर गायब हो गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुरानी बस्ती पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, भाठागांव सांईविला निवासी दिव्यांश सिंह के घर शंकर सोनी जुलाई 2025 से काम कर रहा था। दोनों के बीच लंबे समय से कामकाज को लेकर संबंध थे। 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे दिव्यांश ने शंकर को 5 लाख रुपए दिए थे। उसे यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा की टैगोर नगर शाखा में जमा करने के लिए भेजा गया था।
पुलिस के अनुसार, शंकर 5 लाख रुपए लेकर बैंक में जमा करने के लिए निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंचा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब शंकर का कोई पता नहीं चला तो उसकी तलाश शुरू की गई। इस दौरान उसकी दोपहिया वाहन रावाभाठा बिजली ऑफिस के पास स्थित मैदान में खड़ी मिली। बाइक मिलने के बाद मामले को लेकर संदेह और बढ़ गया। परिजनों और परिचितों के स्तर पर तलाश करने के बाद भी शंकर का पता नहीं चला। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शंकर ने बैंक में रकम जमा करने के बजाय 5 लाख रुपए का खुद इस्तेमाल कर लिया और इसके बाद फरार हो गया।
मामले की शिकायत मिलने पर पुरानी बस्ती पुलिस ने शंकर सोनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रकम लेकर फरार होने के बाद वह कहां गया और उसके पास वर्तमान में पैसे हैं या नहीं। पुलिस के मुताबिक, मामले में उपलब्ध जानकारी और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपी कर्मचारी की तलाश के साथ रकम की बरामदगी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इस मामले में शिकायतकर्ता दिव्यांश सिंह के पारिवारिक संबंधों को लेकर भी जानकारी सामने आई है। उसे पुरानी बस्ती क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और सूदखोरी के मामले में जेल जा चुके वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तथा रोहित तोमर का भतीजा बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड और शिकायत से जुड़े विवरण के मुताबिक, दिव्यांश का नाम पहले भी ब्लैकमेलिंग और वसूली से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। हालांकि, मौजूदा मामले में वह शिकायतकर्ता है और 5 लाख रुपए लेकर कर्मचारी के फरार होने की शिकायत उसके द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई है।
पुलिस का कहना है कि कर्मचारी के फरार होने और रकम के कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि 5 लाख रुपए का इस्तेमाल कहां किया गया और आरोपी फिलहाल कहां मौजूद है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य संभावित सुरागों की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही रकम से जुड़े घटनाक्रम की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।