
Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर शेयर होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और मुख्य प्रश्नपत्र के करीब 70 फीसदी सवाल एक जैसे पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी। मामले में तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गुरुवार को बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रश्नपत्र WhatsApp पर शेयर होने लगा। देखते ही देखते यह कई छात्रों तक पहुंच गया। मामले की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर तत्काल निर्णय लिया गया और निर्धारित परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी संजय नैय्यर के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और परीक्षा के मुख्य प्रश्नपत्र के सवाल 100 फीसदी समान नहीं थे, लेकिन करीब 70 फीसदी सवाल आपस में मिल रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
परीक्षा निरस्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने नई तारीख भी तय कर दी है। एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से इसके संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की गई है। नई परीक्षा में सभी पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होना होगा।
परीक्षा शुरू होने से महज दो घंटे पहले प्रश्नपत्र का WhatsApp पर वायरल होना विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के मुताबिक, प्रश्नपत्र सीधे किसी छात्र तक पहुंचने के बजाय किसी अन्य स्रोत से फॉरवर्ड होकर छात्रों के बीच पहुंचा। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया और इसे WhatsApp पर किसने प्रसारित किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति पेपर के वायरल होने से लेकर छात्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। इसके साथ ही पेपर की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी।
पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राजधानी के तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर प्रश्नपत्र वायरल करने और इसे आगे प्रसारित करने वालों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है और पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।