रायपुर

Paper Leak Case: IGKV की रद्द परीक्षा की नई तारीख तय, सितंबर के पहले सप्ताह में फिर होगा एग्जाम

Paper Leak Case: रायपुर के IGKV में BSc Agriculture सेकंड ईयर की एंटोमोलॉजी परीक्षा का पेपर परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हो गया। करीब 70% सवाल मिलते-जुलते पाए जाने पर परीक्षा रद्द कर दी गई।
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Aug 21, 2026
Paper Leak Case
Paper Leak Case: IGKV की रद्द परीक्षा की नई तारीख तय(photo-patrika)

Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर शेयर होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और मुख्य प्रश्नपत्र के करीब 70 फीसदी सवाल एक जैसे पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी। मामले में तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।


IGKV Paper Leak: परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर पहुंचा पेपर

गुरुवार को बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही प्रश्नपत्र WhatsApp पर शेयर होने लगा। देखते ही देखते यह कई छात्रों तक पहुंच गया। मामले की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को मिलने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर तत्काल निर्णय लिया गया और निर्धारित परीक्षा को निरस्त कर दिया गया।

वायरल पेपर के 70 फीसदी सवाल मुख्य प्रश्नपत्र से मिले

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी संजय नैय्यर के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और परीक्षा के मुख्य प्रश्नपत्र के सवाल 100 फीसदी समान नहीं थे, लेकिन करीब 70 फीसदी सवाल आपस में मिल रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

सितंबर के पहले सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा

परीक्षा निरस्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने नई तारीख भी तय कर दी है। एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से इसके संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की गई है। नई परीक्षा में सभी पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होना होगा।

पेपर की गोपनीयता और सुरक्षा पर उठे सवाल

परीक्षा शुरू होने से महज दो घंटे पहले प्रश्नपत्र का WhatsApp पर वायरल होना विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के मुताबिक, प्रश्नपत्र सीधे किसी छात्र तक पहुंचने के बजाय किसी अन्य स्रोत से फॉरवर्ड होकर छात्रों के बीच पहुंचा। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया और इसे WhatsApp पर किसने प्रसारित किया।

पांच सदस्यीय समिति करेगी मामले की जांच

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति पेपर के वायरल होने से लेकर छात्रों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। इसके साथ ही पेपर की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी।

तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज

पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राजधानी के तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर प्रश्नपत्र वायरल करने और इसे आगे प्रसारित करने वालों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है और पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
21 Aug 2026 07:48 am
Published on:
21 Aug 2026 07:48 am