
IGKV Paper Leak: छत्तीसगढ़ के रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में परीक्षाओं की गोपनीयता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीएससी फर्स्ट ईयर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब पांच घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का पीडीएफ तड़के करीब 4 से 5 बजे विद्यार्थियों तक पहुंच गया था। परीक्षा के बाद वायरल पीडीएफ और मूल प्रश्नपत्र का मिलान किया गया, जिसमें दोनों में सवाल एक जैसे पाए गए।
पेपर लीक की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की। समिति ने भारतीय कृषि महाविद्यालय को भेजे गए और बाद में विश्वविद्यालय को वापस मिले प्रश्नपत्र के लिफाफों की जांच की। जांच के दौरान लिफाफे में उसी तरह की छेड़छाड़ के निशान मिले, जैसी पूर्व में सामने आए पेपर लीक मामले की पुलिस जांच में उजागर हुई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संबंधित थाना प्रभारी को पत्र लिखकर मामले में पुलिस विवेचना कराने का अनुरोध किया है।
विश्वविद्यालय के जनसूचना अधिकारी संजय नैय्यर के अनुसार, जेनेटिक्स की परीक्षा को निरस्त करने का अंतिम निर्णय गुरुवार को लिया जाएगा। यदि परीक्षा निरस्त की जाती है तो इसकी नई तारीख विश्वविद्यालय द्वारा बाद में घोषित की जाएगी। इस घटना ने लगातार पेपर लीक की घटनाओं से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
IGKV में बीते करीब 20 दिनों में पेपर लीक का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले 20 अगस्त को एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले वायरल हुआ था। वायरल पेपर के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा तत्काल निरस्त कर दी थी। पुलिस जांच में इस मामले में एक प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इसी गिरोह ने 7 अगस्त को आयोजित B.Sc. फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी का पेपर भी लीक किया था।
एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी की रद्द की गई परीक्षाओं को अब सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित किया जाएगा। वहीं जेनेटिक्स के पेपर को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का इंतजार है।
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है। अब परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से महज आधे घंटे पहले पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा हॉल और CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पर्यवेक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रश्नपत्र की सुरक्षा बढ़ाने के साथ परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।