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‘भविष्य नहीं बिकने देंगे’… संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर जुटा जनसैलाब, छत्तीसगढ़ के छात्र भी हुए शामिल

National Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और पेपर लीक के खिलाफ जारी राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ के छात्र और युवा भी शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
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Jantar Mantar Protest

Jantar Mantar Protest: छत्तीसगढ़ के छात्र भी शामिल(photo-patrika)

Jantar Mantar Protest: देश की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर इन दिनों शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है। इस आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी समूहों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से भी कई छात्र और युवा इस अभियान का हिस्सा बने हैं।

हालांकि, जंतर-मंतर पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के लोगों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक या सरकारी आंकड़ा सामने नहीं आया है। प्रदर्शन में शामिल संगठनों का दावा है कि देशभर से हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं।

Parliament March: शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठ रही मांग

यह आंदोलन मुख्य रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार होने वाली अनियमितताओं से लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Chhattisgarh Students: छत्तीसगढ़ के युवाओं की भी भागीदारी

प्रदर्शनकारी समूहों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कई युवा और छात्र भी दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और अन्य जिलों के युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस अभियान के प्रति समर्थन जताया है।

छत्तीसगढ़ में भी पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे इस आंदोलन को प्रदेश के युवाओं से भी समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।

जंतर-मंतर बना युवाओं की आवाज का मंच

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा या एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। जंतर-मंतर पर तख्तियां, पोस्टर और नारों के माध्यम से युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग उठाई। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनकी आवाज उठती रहेगी।

आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार

फिलहाल, दिल्ली में चल रहे इस राष्ट्रीय प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ से शामिल लोगों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रदर्शनकारी संगठनों द्वारा साझा किए गए दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है। बावजूद इसके, यह स्पष्ट है कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों ने राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक एक व्यापक बहस को जन्म दिया है।