रायपुर

दिल्ली से रायपुर लौट रहे यात्री की छूटी फ्लाइट, इंडिगो एयरलाइंस पर ₹60,000 का लगा जुर्माना!

Delhi to Raipur Flight: फ्लाइट री-शेड्यूल और टर्मिनल बदलने की समय पर जानकारी नहीं देने पर उपभोक्ता आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस पर ₹60,000 का जुर्माना लगाया और 45 दिनों में मुआवजा देने का आदेश दिया।
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Aug 07, 2026
IndiGo Penalty
IndiGo Penalty: फ्लाइट छूटने से उठानी पड़ी परेशानी(photo-patrika)

IndiGo Penalty: फ्लाइट री-शेड्यूल होने और टर्मिनल बदलने की समय पर जानकारी नहीं देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने इसे उपभोक्ता सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना। आयोग ने कहा कि समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने के बावजूद यात्री उड़ान नहीं पकड़ सका, जिससे उसे आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोग ने एयरलाइंस को 45 दिनों के भीतर क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर ब्याज भी देना होगा।

Air Passenger Rights: फ्लाइट छूटने से उठानी पड़ी परेशानी

मामले में रायपुर निवासी अधिवक्ता अमितेश पाठक ने बताया कि वे परिजनों के साथ देहरादून यात्रा के बाद 31 मार्च 2015 को दिल्ली से रायपुर लौट रहे थे। उन्होंने नवकार कम्युनिकेशन एजेंसी के माध्यम से इंडिगो की फ्लाइट का टिकट बुक कराया था। निर्धारित समय के अनुसार उड़ान दिल्ली के टर्मिनल-3 से रवाना होनी थी।

टर्मिनल बदलने की सूचना नहीं मिली

यात्रा से पहले मोबाइल पर केवल फ्लाइट का समय बदलने का संदेश मिला, लेकिन टर्मिनल बदलने की जानकारी नहीं दी गई। समय पर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि उड़ान टर्मिनल-3 की बजाय टर्मिनल-1 से रवाना होगी। दोनों टर्मिनलों के बीच दूरी अधिक होने के कारण वे समय रहते वहां नहीं पहुंच सके और उनकी फ्लाइट छूट गई।

रात लाउंज में बिताई, दोबारा खरीदना पड़ा टिकट

फ्लाइट छूटने के बाद अमितेश पाठक और उनके परिवार को पूरी रात एयरपोर्ट के लाउंज में बितानी पड़ी। अगले दिन उन्हें अतिरिक्त 21,135 रुपये खर्च कर नई टिकट खरीदकर दिल्ली से रायपुर लौटना पड़ा।

आयोग ने माना सेवा में कमी

रायपुर लौटने के बाद अमितेश पाठक ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान एयरलाइंस की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। आयोग ने माना कि यह उपभोक्ता सेवा में स्पष्ट कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मामला है।

45 दिन में भुगतान का आदेश

आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस को 45 दिनों के भीतर 50 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में देने होंगे। यदि निर्धारित समय में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

Updated on:
07 Aug 2026 08:12 am
Published on:
07 Aug 2026 08:11 am