रायपुर

Consumer Forum Verdict: उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला, राइस मिल को मिलेगा 1.03 करोड़ रुपये, जानें पूरा मामला

Raipur News: उपभोक्ता फोरम ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को अभनपुर स्थित एक राइस मिल को 1 करोड़ 3 लाख 31 हजार 953 रुपये का बीमा क्लेम भुगतान करने का आदेश दिया है।

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Jun 03, 2026
Consumer Forum Verdict
कोर्ट ने सुनाया फैसला (फाइल फोटो पत्रिका)

Consumer Forum Verdict: तूफान और बारिश के कारण राइस मिल को नुकसान होने पर यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को 1 करोड़ 3 लाख 31953 रुपए का क्लेम देना होगा। 45 दिन में रकम नहीं देने पर 7 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अतिरिक्त बैंच के अध्यक्ष प्रशांत कुन्डू और सदस्य आनंद वर्गीस द्वारा सुनवाई की गई।

बीमा कंपनी ने किया गुमराह

अभनपुर के ग्राम झांकी स्थित आदर्श राइस मिल के संचालक अविचल और आदर्श अग्रवाल ने अगस्त 2022 को यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। अचानक 30 सितंबर 2022 को तूफान और बारिश के कारण मिल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई। घटना के बाद राइस मिलरों की सूचना पर बीमा कंपनी ने नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वेयर को भेजा। यहां की रिपोर्ट बनाकर कंपनी को भेजी गई, जिसे कंपनी ने खारिज कर दिया।

तूफान ही नहीं आया

बीमा कंपनी ने अनूठी दलील पेश करते हुए बताया कि घटना वाले दिनांक को कोई तूफान नहीं आया था। मौसम विभाग के बताए अनुसार 4 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली थी। इससे राइस मिल को नुकसान कैसे पहुंच सकता है। कंपनी ने आरोप लगाया था कि क्लेम लेने के लिए कूटरचित और झूठे दस्तावेज पेश किए गए हैं। इस पर तर्क सुनने के बाद फोरम ने माना की प्राकृतिक आपदा के कारण ही राइस मिल को नुकसान पहुंचा है। इसे देखते हुए बीमा कंपनी को क्लेम देना होगा।

7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा

जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने सुनवाई के बाद पाया कि सितंबर 2022 में आए तूफान और बारिश के कारण आदर्श राइस मिल को वास्तविक नुकसान हुआ था। बीमा कंपनी द्वारा यह तर्क देना कि उस दिन कोई तूफान नहीं आया और इसलिए नुकसान संभव नहीं है, आयोग को स्वीकार्य नहीं लगा। उपलब्ध साक्ष्यों और सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने माना कि राइस मिल का क्लेम उचित है। इसके चलते यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को 1 करोड़ 3 लाख 31 हजार 953 रुपये की बीमा राशि 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया गया है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर कंपनी को इस राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

Published on:
03 Jun 2026 08:13 am