
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून ने सामान्य समय से 5 दिन पहले दस्तक दी थी, लेकिन अब इसके विदाई में देरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून करीब 10 दिन देर से लौटेगा, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में अब भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी प्रक्रिया अभी धीमी है। आमतौर पर सितंबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार कम दबाव के क्षेत्र और नमी बने रहने से मौसम में बदलाव नहीं हो पाया है।
रायपुर मौसम केंद्र ने राज्य के 26 जिलों के लिए बिजली गिरने और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। इनमें रायपुर, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, कवर्धा, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा समेत अन्य जिले शामिल हैं। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खेतों या खुले इलाकों में काम करते समय बिजली गिरने से बचने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे में तेज हवा (30–40 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना।
कुछ जिलों में बिजली गिरने और आंधी-तूफान का खतरा।
फसल कटाई और सुखाने के कार्य स्थगित रखने की सलाह।
पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में शरण न लें।
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेतों में रखी कटाई योग्य फसलों और भूसे को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें, ताकि बारिश या तेज हवा से नुकसान न हो।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि सिंचाई और कटाई जैसे कार्यों को कुछ दिन टाल देना बेहतर रहेगा, क्योंकि आने वाले दिनों में फिर से गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि अगले 5 से 7 दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय नहीं हुईं, तो मानसून की विदाई करीब 20 अक्टूबर तक टल सकती है।