रायपुर

महादेव ऐप केस में बड़ा खुलासा! हर महीने 450 करोड़ की कमाई, ED ने 940 करोड़ की संपत्ति किया जब्त

ED property attachment: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं।
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Updated: 10 Jul 2026, 6:36 PM IST
Mahadev Betting App
Mahadev Betting App: महादेव ऐप केस में बड़ा खुलासा(photo-patrika)

Mahadev Betting App: छत्तीसगढ़ के रायपुर में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं की करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच (जब्त) की हैं। एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

Mahadev App Scam: रिहायशी संपत्तियों से लेकर शेयर तक जब्त

ईडी की कार्रवाई के तहत जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, उनमें रिहायशी मकान, जमीन, इक्विटी शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य निवेश शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का स्वामित्व या नियंत्रण विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं के पास था।

हर महीने 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का दावा

ईडी की जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़ा सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइज़ी आधारित 'पैनल' नेटवर्क के जरिए काम करता था। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क के माध्यम से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जाती थी।जांच के अनुसार, इस धन को सीधे उपयोग करने के बजाय कई स्तरों वाले वित्तीय नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों और संस्थाओं में स्थानांतरित किया जाता था।

शेल कंपनियों के जरिए किया गया मनी लॉन्ड्रिंग

ईडी के मुताबिक, अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए शेल कंपनियों और फर्जी वित्तीय लेन-देन का सहारा लिया गया। कई संस्थाओं के माध्यम से रकम को घुमाकर शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि करीब 940.77 करोड़ रुपये की राशि इसी तरीके से विकास गर्ग से जुड़ी संस्थाओं तक पहुंचाई गई।

कुल जब्ती 3,800 करोड़ रुपये के करीब पहुंची

एजेंसी ने बताया कि इस मामले में पहले ही सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। विशेष PMLA न्यायालय, रायपुर के समक्ष अभियोजन शिकायतें और पूरक शिकायतें भी दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर अदालत संज्ञान ले चुकी है। ईडी के अनुसार, इस ताजा कार्रवाई से पहले मामले में लगभग 2,825 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी थीं।

अब 940.77 करोड़ रुपये की नई जब्ती के बाद महादेव ऐप केस में कुल अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी अहम खुलासे और कार्रवाई हो सकती है।

Updated on:
10 Jul 2026, 6:36 PM IST
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