रायपुर

E-KYC Process: छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की अगली किस्त पर संकट, ई-केवाईसी कराने 30 जून तक आखिरी मौका

Chhattisgarh News: महतारी वंदन योजना की अगली किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। 30 जून 2026 तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाली महिलाओं की किस्त अटक सकती है। जानें ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया और जरूरी जानकारी।
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Jun 24, 2026
Mahtari Vandan E-KYC
महतारी वंदन ई-केवाईसी निःशुल्क (photo source- Patrika)

Mahtari Vandan E-KYC: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की अगली किस्त पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभ की निरंतरता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन महिलाओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके पास 30 जून तक का अंतिम मौका है। समय रहते ई-केवाईसी नहीं कराने पर अगली किस्त अटक सकती है।

E-KYC Update: 2 लाख से अधिक महिलाओं का सत्यापन पूरा

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 3 लाख 18 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी कराया जाना है। अब तक 2 लाख 98 हजार महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 20 हजार से अधिक महिलाएं अभी भी प्रक्रिया से बाहर हैं। विभाग का कहना है कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और केवल पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिकवेंद्र जाटवार ने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां महिलाएं पलायन कर चुकी हैं या बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अंगूठे का निशान मशीन से मैच नहीं हो रहा है। ऐसे सभी मामलों का अलग से डाटा तैयार किया जा रहा है, जिसे शासन को भेजा जाएगा।

मृत हितग्राहियों के नाम हट रहे, सूची हो रही अपडेट

ई-केवाईसी के दौरान ऐसे कई मामले भी सामने आए हैं, जिनमें योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। विभाग ऐसे नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया कर रहा है। जब वर्ष 2024 में महतारी वंदन योजना शुरू हुई थी, तब जिले में करीब 3 लाख 25 हजार महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा था। सत्यापन और रिकॉर्ड अद्यतन होने के बाद अब लाभार्थियों की संख्या घटकर लगभग 3 लाख 18 हजार रह गई है। वहीं जिले में लंबित ई-केवाईसी के मामलों में बड़ी संख्या उन महिलाओं की है, जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में गई हुई हैं। विभाग इन महिलाओं और उनके परिजनों से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी जुटा रहा है।

20 हजार 116 महिलाओं का ई-केवाईसी रुका

महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपए की मासिक सहायता राशि जिले की हजारों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनी हुई है, लेकिन अब यही राशि 20 हजार से अधिक महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन गई है। वजह है ई-केवाईसी। महासमुंद जिले में अभी भी 20 हजार 116 महिलाओं का ई-केवाईसी लंबित है और यदि 30 जून तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उनकी अगली किस्त अटक सकती है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग, दिव्यांग और उन महिलाओं को हो रही है, जिनके बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी दिक्कत आ रही है या जो रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में गई हुई हैं।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के घर पहुंच रही टीम

ई-केवाईसी में आ रही बाधाओं को दूर करने महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम उन महिलाओं के घर पहुंच रही है, जो उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण च्वाइस सेंटर नहीं जा पा रही हैं। घर-घर जाकर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। लंबित महिलाओं की सूची तैयार कर कर्मचारियों को सौंपी गई है।

क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?

सरकार द्वारा योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। इसके जरिए लाभार्थी की पहचान, आधार और बैंक खाते का सत्यापन किया जाता है। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से राशि सीधे खाते में भेजने में सुविधा होती है।

ऐसे करा सकते हैं ई-केवाईसी

महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, लोक सेवा केंद्र (CSC), चॉइस सेंटर या संबंधित विभागीय कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। इसके लिए आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी। कई क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर भी यह कार्य कराया जा रहा है।

Updated on:
24 Jun 2026 11:48 am
Published on:
24 Jun 2026 11:28 am