
@विनोद जैन/Illegal Sand Mining: महानदी से लंबे समय से संचालित बताए जा रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ रायपुर खनिज विभाग ने गुरुवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम लखना और नवापारा क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 4 ट्रैक्टर और 2 हाईवा जब्त कर थाना गोबरा नवापारा के सुपुर्द किए गए। पूरी कार्रवाई खनिज सुपरवाइजर डी.के. साहू के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार लखना की महानदी और उससे लगे नर्सरी क्षेत्र में पिछले एक माह से अधिक समय से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि प्रतिदिन करीब 40 ट्रैक्टर नदी से रेत निकाल रहे थे। रेत को अलग-अलग स्थानों पर भंडारित कर जेसीबी मशीनों की सहायता से बड़े हाईवा वाहनों में भरकर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता था।
छापेमारी के दौरान खनिज विभाग ने हाईवा क्रमांक CG 04 PK 7595 को पकड़ा, जो 12 घनमीटर के पीट पास पर लगभग 16 चक्का डंपर से रेत का परिवहन कर रहा था। पास और वाहन की क्षमता में अंतर पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान कई ट्रैक्टर चालक रेत से लदे वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। खनिज विभाग ने ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर थाना गोबरा नवापारा पहुंचाया। जब्त ट्रैक्टरों में CG 04 NJ 1520, CG 04 GF 8982 और CG 04 DA 5065 शामिल हैं। एक अन्य ट्रैक्टर का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केवल वाहनों की जब्ती से अवैध रेत कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लगेगी। उनका कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाले मुख्य सरगनाओं, अवैध भंडारण, परिवहन और खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नर्सरी क्षेत्र में लगातार हो रही खुदाई से बड़ी संख्या में पेड़ नष्ट हो रहे हैं और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। फिलहाल खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच केवल जब्त वाहनों तक सीमित रहती है या फिर अवैध रेत कारोबार के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर मुख्य सरगनाओं तक भी कार्रवाई पहुंचती है।