
NEET 2026 Success Story: NEET 2026 के परिणाम ने एक बार फिर राजधानी रायपुर को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस बार शहर के 18 विद्यार्थियों ने देश की टॉप-5000 रैंक में जगह बनाई है, जबकि 26 छात्र-छात्राएं टॉप-10000 में शामिल हुए हैं। इन सफल छात्रों की कहानियों में एक बात समान है—लगातार आत्मविश्लेषण, अनुशासित तैयारी और असफलताओं से सीखने का जज्बा।
अमोघ अनुदीपक (AIR 178), जयदेव सिंह ठाकुर (AIR 323), केविन डिसूजा (AIR 364), प्रणव गचके (AIR 457), स्वप्निल चंदेल (AIR 536) और पीयूष जोतवानी (AIR 787) जैसे छात्रों ने साबित कर दिया कि सही रणनीति और मानसिक संतुलन से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
कबीर नगर निवासी अमोघ अनुदीपक ने बताया कि उन्होंने हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों की सूची बनाई और उसी पर सबसे ज्यादा काम किया। फिजिक्स के लिए अधिक से अधिक प्रश्न हल किए, जबकि बायोलॉजी के लिए NCERT की हर लाइन कई बार पढ़ी।
उन्होंने कहा, "री-नीट की घोषणा के बाद कुछ समय के लिए तनाव जरूर हुआ, लेकिन एक बार तारीख तय हो जाने के बाद मैंने फिर से अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर दिया।"
रोहिणीपुरम के जयदेव सिंह ठाकुर के लिए शुरुआत आसान नहीं थी। उन्होंने बताया कि 11वीं का अधिकांश समय NEET के पैटर्न को समझने में बीत गया। इसके बाद उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम करना शुरू किया।
रोजाना छह घंटे की सेल्फ स्टडी परीक्षा के नजदीक आते-आते 10 से 12 घंटे तक पहुंच गई। पढ़ाई के साथ बैडमिंटन, फुटबॉल और ड्राइंग ने उन्हें तनाव से दूर रखा। उन्होंने JEE Main में भी 99.4 पर्सेंटाइल और AIR 968 हासिल की।
अमलीडीह के पीयूष जोतवानी ने बताया कि पहली परीक्षा में 706 अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वे निराश हो गए। हालांकि, उन्होंने खुद को संभाला और दो दिन बाद दोबारा तैयारी शुरू कर दी।
उन्होंने कहा, "मैंने खुद से कहा कि यह परिस्थिति सिर्फ मेरे साथ नहीं, बल्कि सभी छात्रों के साथ है।" अंततः उन्होंने AIR 787 और 99.96 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी मेहनत को साबित कर दिया।
NEET परिणाम के बाद अब छात्रों का ध्यान काउंसलिंग और मेडिकल कॉलेजों की संभावित कटऑफ पर है। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर समेत सिम्स बिलासपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर और रायगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज छात्रों की पहली पसंद बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम सीट आवंटन काउंसलिंग, श्रेणी और विकल्पों पर निर्भर करेगा। ऐसे में छात्रों को आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
इन टॉपर्स की कहानियां बताती हैं कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती। लगातार अभ्यास, गलतियों से सीखना और मानसिक रूप से मजबूत बने रहना ही बड़ी परीक्षाओं में सफलता की कुंजी है। रायपुर के इन छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी हों, दृढ़ संकल्प और सही दिशा में मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।