रायपुर

रायपुर के 20 थानों को बड़े अफसरों ने लिया गोद, डीजीपी के निर्देश पर शुरू हुई नई व्यवस्था

Smart Policing: 'एक अधिकारी-एक थाना' पहल के तहत आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी थानों की मॉनिटरिंग, स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल व्यवस्था और कामकाज में सुधार पर नजर रखेंगे।
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Jul 21, 2026
Chhattisgarh Police
रायपुर के 20 थानों को अधिकारियों ने लिया गोद (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Police: थानों के कामकाज में सुधार, उन्हें स्मार्ट व डिजिटल आदि उद्देश्य से प्रदेश के सभी आईपीएस और राज्य सेवा के पुलिस अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने कहा गया था। रायपुर सहित अन्य जिलों में अधिकारियों ने एक-एक थानों को गोद ले लिया। इससे इन थानों की बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी। रायपुर जिले के 20 थानों को पुलिस अफसरों ने गोद लिया है।

Raipur Police News: पीएम ने दिया था निर्देश

पिछले साल नवा रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रदेश सहित सभी राज्यों के आईपीएस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के एक-एक थानों को गोद लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रदेश सहित दूसरे राज्यों में यह शुरू हो गया।

10 साल की सेवा देने वाले अधिकारी शामिल

थानों को गोद लेने की जिम्मेदारी ऐसे पुलिस अफसरों को दी गई है, जो पुलिस विभाग में 10 साल तक सेवा दे चुके हैं। रायपुर जिले के ऐसे 20 अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं।

Digital Police Station: 'थाना गोद' पहल क्या है और इससे क्या बदलेगा?

थानों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में 'एक अधिकारी-एक थाना' पहल लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और राज्य पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारियों को एक-एक थाना गोद लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस पहल की शुरुआत पिछले वर्ष नवा रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस के बाद हुई। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के एक-एक थाने को गोद लेकर उसकी कार्यप्रणाली में सुधार और नियमित मॉनिटरिंग करने का सुझाव दिया था।

इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में भी यह व्यवस्था लागू की गई है। रायपुर जिले में 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा अनुभव वाले 20 पुलिस अधिकारियों को 20 अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें आईपीएस के साथ राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं।

नागरिक सुविधाओं में सुधार

इस पहल का उद्देश्य थानों में स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल व्यवस्था, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों की समीक्षा, शिकायतों के त्वरित निपटारे और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाना है। वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी से थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

Updated on:
21 Jul 2026 08:45 am
Published on:
21 Jul 2026 08:45 am