रायपुर

PRSU Fee Hike: रविशंकर यूनिवर्सिटी के छात्रों को बड़ा झटका! 46% तक बढ़ी एग्जाम फीस, विरोध में उतरी ABVP

PRSU exam fee increase: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में परीक्षा और वेरिफिकेशन फीस बढ़ाने पर विवाद गहरा गया है। ABVP ने 46% फीस वृद्धि का विरोध करते हुए इसे छात्र विरोधी फैसला बताया और आंदोलन की चेतावनी दी।

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Jun 09, 2026
PRSU Fee Hike
रविशंकर यूनिवर्सिटी में बढ़ी एग्जाम फीस (photo source- Patrika)

PRSU Fee Hike: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में परीक्षा और अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई बढ़ोतरी को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए इसे छात्र विरोधी कदम बताया है। संगठन का कहना है कि अचानक फीस बढ़ाने से हजारों छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।

PRSU Fee Hike: परीक्षा फीस में बड़ी बढ़ोतरी

ABVP के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 और वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 से बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है। परिषद का दावा है कि यह लगभग 46 प्रतिशत तक की वृद्धि है। संगठन का कहना है कि पहले ही छात्र महंगी पढ़ाई, हॉस्टल, किताबों और अन्य खर्चों से जूझ रहे हैं, ऐसे में फीस बढ़ोतरी उनके लिए नई परेशानी बन जाएगी।

परिषद ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने बिना छात्र संगठनों और विद्यार्थियों से चर्चा किए यह फैसला लागू कर दिया। संगठन का कहना है कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य छात्रों को बेहतर और सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना होना चाहिए, लेकिन यहां लगातार शुल्क बढ़ाकर शिक्षा को महंगा बनाया जा रहा है।

वेरिफिकेशन फीस पर भी विरोध

केवल परीक्षा शुल्क ही नहीं, बल्कि मार्कशीट और सिलेबस वेरिफिकेशन फीस को लेकर भी छात्रों में नाराजगी है। ABVP का कहना है कि विश्वविद्यालय ने दस्तावेज सत्यापन के लिए ₹5000 फीस तय कर दी है, जो काफी ज्यादा है। संगठन के अनुसार, नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं, एडमिशन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में छात्रों को दस्तावेज सत्यापन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि देना गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए आसान नहीं होगा। परिषद ने इसे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालने वाला फैसला बताया है।

हर साल 5% फीस बढ़ाने पर सवाल

ABVP ने विश्वविद्यालय के हर साल 5 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि यदि हर साल इसी तरह फीस बढ़ाई जाती रही तो आने वाले समय में उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से दूर हो जाएगी। रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय एक तरफ शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को अवसर देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार फीस बढ़ाकर छात्रों पर बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्र हितों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

छात्र हित में आंदोलन की चेतावनी

ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा शुल्क वृद्धि वापस लेने, हर साल 5 प्रतिशत फीस बढ़ाने के निर्णय को रद्द करने और वेरिफिकेशन फीस कम करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो विश्वविद्यालय में छात्र हित में आंदोलन किया जाएगा। परिषद का कहना है कि शिक्षा किसी भी छात्र के लिए बोझ नहीं बननी चाहिए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोई छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे, इसके लिए विश्वविद्यालय को संवेदनशीलता के साथ फैसले लेने चाहिए।

PRSU Fee Hike: छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

फीस बढ़ोतरी की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि पहले ही कॉलेज फीस, किराया, किताबें और अन्य खर्च बढ़ चुके हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय शुल्क बढ़ने से आर्थिक दबाव और बढ़ जाएगा। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यदि प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

Updated on:
09 Jun 2026 01:01 pm
Published on:
09 Jun 2026 12:50 pm