रायपुर

Patrika Exclusive: कुल 1542 लोगों का रेस्क्यू, 300 परिवार राहत कैंप में… भादो की बारिश ने रायपुर को किया बेहाल

दो दिन की लगातार बारिश से रायपुर की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनी रही। घरों में पानी घुसने से कई परिवारों ने स्कूल और आंगनबाड़ी में शरण ली, जबकि राहत-बचाव अभियान जारी रहा।
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Sep 28, 2026
Patrika Exclusive
Patrika Exclusive: कुल 1542 लोगों का रेस्क्यू(photo-patrika photo create)

Patrika Exclusive @अजय रघुवंशी/त्रिलोचन मानिकपुरी: भादो के आखिरी दिनों में हुई लगातार बारिश राजधानी रायपुर के कई इलाकों के लिए मुसीबत बन गई। दो दिन की बारिश के बाद रायपुर की निचली बस्तियों में रविवार को भी पानी भरा रहा। कई परिवारों के घरों में पानी घुसने से उन्हें स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक भवनों में शरण लेनी पड़ी। लोगों का राशन पानी में खराब हो गया और अब उन्हें पानी उतरने का इंतजार है, ताकि वे अपने घर लौटकर दोबारा जिंदगी शुरू कर सकें। रविवार को भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा।

Raipur Waterlogging: खारुन उफान पर, हार्वेस्टर से लोगों का रेस्क्यू

खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से भाठागांव-काठाडीह मार्ग पर कई फीट पानी भर गया। इसके चलते मुख्य सड़क पर सामान्य वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। जब रेस्क्यू के लिए सामान्य वाहन नहीं पहुंच सके तो धान काटने वाली हार्वेस्टर मशीन की मदद ली गई। बड़े पहियों वाली हार्वेस्टर के जरिए स्थानीय रहवासियों के साथ फैक्ट्री मजदूरों और कॉलेज-हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।

रायपुर डिवीजन में 1542 लोगों को सुरक्षित निकाला

एसडीआरएफ के रायपुर डिवीजन टीम प्रभारी जागेश्वर धीवर के अनुसार, विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 1542 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें लखना (टीला) के 85, पारागांव के 35, नवापारा के 390, भाठागांव के 450, चंदनीडीह के 245, काठाडीह के 80, मुंडारा के 45, लखना-सोमनाथ के 10, उरला थाना क्षेत्र के 185, सिलतरा के 5 और नारी के 12 लोग शामिल हैं। रविवार रात को भी रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात रहीं।

SDRF-NDRF की छह टीमें मैदान में

राजधानी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए SDRF और NDRF की छह टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने जलभराव वाले रास्तों पर आवाजाही रोकने के साथ संवेदनशील इलाकों में भी रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है।

बस स्टैंड से महज 3 किलोमीटर दूर संपर्क प्रभावित

भाठागांव-काठाडीह मार्ग राजधानी के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यहां पानी भरने के कारण मुख्य बस स्टैंड से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर ही आवागमन प्रभावित हो गया। जलस्तर बढ़ने से आसपास के कई इलाकों का मुख्य शहर से संपर्क भी बाधित हुआ।

चिंगरी नाले का पानी कॉलोनियों तक पहुंचा

चिंगरी नाले का पानी आसपास के मोहल्लों और कॉलोनियों में फैलने से जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई। चंगोराभाठा समेत आसपास की कई कॉलोनियां भी प्रभावित हुईं। निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू टीमों को लगातार सक्रिय रखा गया।

स्कूल और आंगनबाड़ी बने लोगों की शरणस्थली

वार्ड नंबर-1 के चंदनीडीह में रविवार को भी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यहां स्कूल, सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी लोगों की शरणस्थली बने रहे। श्रीलंका नगर, स्कूल पारा और नदी पारा के कई परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे से घरों में पानी घुसना शुरू हुआ था। राहत स्थल पर रह रहे परिवारों ने बताया कि फिलहाल वे सुरक्षित हैं, लेकिन आगे की चिंता बनी हुई है। कई परिवारों का राशन पानी में खराब हो गया है और रोजगार को लेकर भी परेशानी की चिंता है।

चंदनीडीह में 135 परिवार प्रभावित

स्कूल परिसर में नगर निगम की ओर से कैंप लगाया गया था। यहां बाढ़ प्रभावित परिवारों के नाम दर्ज किए जा रहे थे। कर्मचारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में 135 परिवार प्रभावित हुए हैं और उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध किया जा रहा है।

महादेवघाट मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार भी प्रभावित

बाढ़ का असर महादेवघाट क्षेत्र के मुक्तिधाम तक पहुंचा। पानी भरने के कारण रविवार को दूसरे दिन भी यहां अंतिम संस्कार नहीं हो सका। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मारवाड़ी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कराना पड़ा।

300 परिवार राहत कैंप में रहने को मजबूर

रविवार को दिनभर खारुन नदी का पानी पुल के ऊपर रहा, जिससे रायपुर और अमलेश्वर के बीच संपर्क प्रभावित रहा। देर रात पानी पुल के नीचे आने की जानकारी सामने आई। वहीं, सरोना क्षेत्र के डिपरापारा और चंदनीडीह के करीब 300 परिवार अपने घर नहीं लौट सके और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। डिपरापारा क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की नाव से लोगों को बाहर निकालने का काम दूसरे दिन भी जारी रहा।

आरआई और पटवारी कर रहे नुकसान का सर्वे

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के घरों में पानी भरने से नुकसान हुआ है। कलेक्टर गौरव सिंह और निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इसके बाद आरआई और पटवारी प्रभावित इलाकों में सर्वे कर नुकसान का आकलन और रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।

Updated on:
28 Sept 2026 09:19 am
Published on:
28 Sept 2026 09:18 am