रायपुर

1 अगस्त से बदलेगा नियम! छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों को पहले जमा करना होगा बिजली बिल

Prepaid Electricity System: छत्तीसगढ़ में 1 अगस्त से सरकारी विभागों के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली उपयोग से पहले तीन महीने का अनुमानित बिल अग्रिम जमा करना होगा।
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Jul 22, 2026
Government Electricity Bill
Government Electricity Bill: 1 अगस्त से बदलेगा नियम(photo-patrika)

Government Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली भुगतान नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली उपयोग से पहले तीन महीने का अनुमानित बिल अग्रिम जमा करना होगा।

राज्य के करीब 1.5 लाख सरकारी कनेक्शन इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिल के बढ़ते बकाया पर नियंत्रण होगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी।

Chhattisgarh Electricity News: डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शन होंगे शामिल

राज्यभर के करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन इस नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इसके लिए विभागवार समूह बनाए गए हैं और प्रत्येक विभाग को एक अलग पहचान कोड जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 1 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू हो जाए।

तीन महीने का बिल जमा करना होगा

ऊर्जा विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन महीने के अनुमानित बिजली बिल के बराबर राशि अग्रिम रूप से जमा करें। अग्रिम भुगतान के बाद संबंधित कार्यालयों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड में सक्रिय कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे बिजली भुगतान में पारदर्शिता आएगी और बकाया राशि बढ़ने की समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।

स्मार्ट मीटर से होगी निगरानी

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिकांश सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी और भुगतान की प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से संचालित की जाएगी। इस तकनीक के जरिए विभाग अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे और आवश्यकतानुसार खर्च का प्रबंधन कर पाएंगे।

बकाया राशि बनी चिंता

सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ रहा है। मई महीने तक यह आंकड़ा लगभग 3,500 करोड़ रुपये था, जो जून और जुलाई के बिल जुड़ने के बाद करीब 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जुलाई तक के पुराने बकाया का निपटारा अलग से किया जाएगा, जबकि नई प्रीपेड व्यवस्था के तहत भविष्य में बकाया नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

अंतिम चरण में तैयारियां

विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी विभागों को समय पर अग्रिम राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 1 अगस्त से प्रीपेड बिजली प्रणाली बिना किसी बाधा के शुरू की जा सके।

Updated on:
22 Jul 2026 02:35 pm
Published on:
22 Jul 2026 02:33 pm