
Chhattisgarh News: प्रदेश में एक बार फिर राशन कार्डधारियों को तीन माह का राशन एक साथ देने की तैयारी चल रही है। लेकिन पिछली तीन माह वाली योजना अच्छी नहीं रही। क्योंकि कई दुकानदारों व लोगों के पास इतनी मात्रा में चावल रखने की जगह नहीं थी। तो वहीं नान भी राशन दुकानों में पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं करा पाया। बता दें कि अप्रैल-जून का तीन माह का एक साथ राशन वितरण किया गया था।
सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग द्वारा फिर से एक बार तीन माह का एक साथ राशन वितरण करने की योजना बना रहा है। लेकिन इसका पीडीएस संघ द्वारा विरोध किया जा रहा है। हालांकि इसको लेकर अबतक लिखित आदेश नहीं आया है। जुलाई माह का राशन वितरण पूरा करने में ही पीडीएस दुकानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब उसी बीच तीन माह का स्टॉक एक साथ उठाने और बांटने का चल रहा है।
पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने बताया कि पहले विभाग के अधिकारियों से इस विषय को लेकर चर्चा की गई थी। हाल ही में डायरेक्टर के पास भी पहुंचे थे। लेकिन अभी तक तीन माह के वितरण को लेकर आदेश नहीं आया है।
रायपुर जिले में 700 से अधिक उचित मूल्य की राशन दुकानें संचालित हैं। वहीं रायपुर शहर में इनकी संख्या लगभग 270 है। इसमें अधिकांश दुकानें किराए के छोटे कमरों में चल रही हैं। तीन माह का चावल एक साथ रखने के लिए न गोदाम है न सुरक्षा।
पत्रिका ने अपनी खबरों में बताया भी था कि गोदामों से अपने चेहते दुकानदारों को राशन भेजने का खेल चल रहा था। दुकानदार गोदामों में बैठकर अपनी दुकानों में पहले राशन भिजवा रहे थे। इसमें नान के कई लोगों पर मिलीभगत का आरोप भी है। इस बार बार भी यदि तीन माह का चावल एक साथ वितरण का आदेश आता है, तो यह ग्रुप फिर से एक्टिव होने की तैयारी में है। इससे अन्य दुकानदारों और राशन कार्ड धारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।