
Fake Paneer: छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर रेलवे स्टेशन और तिल्दा-नेवरा से जब्त किए गए पनीर के सैंपलों की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच में रायपुर से अंबिकापुर भेजा जा रहा 100 किलो पनीर और तिल्दा-नेवरा से लिया गया नमूना अमानक (एनालॉग) पाया गया, जबकि मध्यप्रदेश के विदिशा से आया 500 किलो पनीर जांच में मानक निकला।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने प्रतिबंध के बाद लगातार कार्रवाई करते हुए रायपुर रेलवे स्टेशन पर दो दिनों में करीब 600 किलो पनीर जब्त किया था। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद एक नमूना मानक और दूसरा अमानक पाया गया।
3 अगस्त को तेलघानीनाका चौक के पास एक मालवाहक वाहन से 100 किलो खुला पनीर बरामद किया गया था। यह पनीर पार्सल के जरिए अंबिकापुर भेजा जा रहा था। खाद्य एवं औषधि विभाग ने सैंपल लेकर जांच कराई, जिसमें यह पनीर एनालॉग पाया गया। अब विभाग पनीर भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बुधवार को अमरकंटक एक्सप्रेस से मध्यप्रदेश के विदिशा से करीब 500 किलो पनीर रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। एनालॉग पनीर होने की शिकायत पर विभाग ने इसे भी जब्त कर जांच के लिए नमूना भेजा। लैब रिपोर्ट में यह पनीर मानक पाया गया, जिसके बाद विभाग ने जब्त खेप को छोड़ दिया।
तिल्दा-नेवरा स्थित कृष्णा डेयरी से लिए गए खुले पनीर के नमूने भी जांच में अमानक पाए गए। विभाग ने संबंधित विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदेश में एनालॉग पनीर पर रोक के बावजूद कई डेयरियों और दुकानों में कथित तौर पर इसकी बिक्री जारी होने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय स्तर पर नियमित सैंपलिंग नहीं होने से मिलावटी और एनालॉग पनीर खुलेआम बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि खाद्य एवं औषधि विभाग नियमित जांच अभियान चलाकर ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।