रायपुर

रायपुर में दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए! 13 साल से मैकेनिक बनकर रह रहा था युवक, माता-पिता फरार

Illegal Bangladeshi Immigrants: रायपुर में दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं। इनमें से एक युवक 13 साल से मैकेनिक बनकर रह रहा था। पुलिस कार्रवाई के बाद उसके माता-पिता फरार हैं और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क की जांच तेज हो गई है।
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Aug 11, 2026
Raipur News
Raipur News: रायपुर में दो बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए(photo-patrika)

Raipur Bangladeshi Arrest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर दो बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने से अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें से एक युवक पिछले 13 वर्षों से रायपुर में रहकर मैकेनिक का काम कर रहा था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही उसके माता-पिता फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, बीजापुर में पकड़े गए एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक से मिले इनपुट के बाद वहां की पुलिस टीम भी जांच के सिलसिले में रायपुर पहुंची है।

Bangladeshi Citizens Detained: इंटेलिजेंस इनपुट पर टिकरापारा पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर टिकरापारा थाना पुलिस ने संजय नगर निवासी शेख रेहान को हिरासत में लिया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान उसके बांग्लादेशी नागरिक होने का खुलासा हुआ। बताया गया कि वह करीब 13 साल पहले अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था और तब से यहीं रह रहा था।

डिटेंशन सेंटर भेजा गया, माता-पिता फरार

पहचान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने शेख रेहान को डिटेंशन सेंटर भेज दिया। वहीं, कार्रवाई की जानकारी मिलते ही उसके माता-पिता फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

बहन की शादी रायपुर में, युवक करता था मैकेनिक का काम

पुलिस जांच में सामने आया कि रेहान की बहन की शादी रायपुर में ही एक स्थानीय व्यक्ति से हुई है। उसका एक छोटा बच्चा भी है। इस कारण पुलिस ने उससे केवल पूछताछ की है। रेहान टिकरापारा इलाके में मैकेनिक के रूप में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था।

कबाड़ का काम करने वाला दूसरा बांग्लादेशी भी पकड़ा गया

पुलिस ने संजय नगर इलाके से जमालकरी नामक एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक को भी पकड़ा है। वह कबाड़ का कारोबार करता था। दोनों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।

फर्जी दस्तावेज बनाकर बसाने का संदेह

प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बांग्लादेशी नागरिकों को एजेंटों के जरिए लाखों रुपये लेकर रायपुर लाया जाता था। इसके बाद उनके लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कराए जाते थे, ताकि वे स्थानीय नागरिक बनकर रह सकें। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

रायपुर में इससे पहले भी तीन बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, उनके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एजेंटों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस का मानना है कि इस पूरे मामले में संगठित रैकेट सक्रिय हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।

Updated on:
11 Aug 2026 11:03 am
Published on:
11 Aug 2026 11:03 am