
Ration Supply Crisis: रायपुर में राशन भंडारण का संकट!(photo-patrika group)
Ration Supply Crisis: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में राशन भंडारण और दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था लंबे समय से प्रभावित बताई जा रही है। इसे लेकर कलेक्टर से लेकर खाद्य सचिव और मंत्री तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं। राशन दुकानों में समय पर भंडारण नहीं होने के कारण कार्डधारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच नागरिक आपूर्ति निगम (नान) की जिला प्रबंधक हेलेना तिग्गा का मुख्यालय तबादला कर दिया गया है। अब रायपुर नान के प्रभारी जिला प्रबंधक जीएच त्रीनाथ रेड्डी ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
रायपुर जिले में खाद्यान्न के समय पर भंडारण को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। राशन दुकानदारों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में और समय पर खाद्यान्न नहीं पहुंचने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पिछले टीएल बैठक में भी भंडारण व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारी को फटकार लगने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जिला प्रबंधक हेलेना तिग्गा का मुख्यालय तबादला कर दिया गया।
नए प्रभारी के पद संभालने के बाद भी ट्रांसपोर्टिंग की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खबर के अनुसार वर्तमान में एक ही ट्रांसपोर्ट एजेंसी के पास भंडारण की अनुमति है। इसके बावजूद दूसरी एजेंसी की गाड़ियां भी गोदामों में लगाए जाने की बात सामने आई है। एक एजेंसी की पांच गाड़ियां अटैच किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
राशन दुकानदारों के मुताबिक गाड़ियों की संख्या कम होने से कई दुकानों तक खाद्यान्न की सप्लाई प्रभावित हुई है। दावा है कि कुछ दुकानों में सप्लाई करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावित हो रही है। हालांकि इन आरोपों और व्यवस्था की स्थिति की विभागीय स्तर पर जांच की आवश्यकता है।
राशन भंडारण को लेकर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि कुछ दुकानों में पहले खाद्यान्न पहुंचाया जाता है, जबकि अन्य दुकानों को इंतजार करना पड़ता है। दुकानदारों को उम्मीद है कि नए प्रभारी के आने के बाद भंडारण और परिवहन की व्यवस्था में सुधार होगा।
नान की पूर्व जिला प्रबंधक हेलेना तिग्गा पर पदस्थापना के दौरान करोड़ों रुपए के कथित चावल घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता की ओर से रायपुर, कोरबा और कोंडागांव में पदस्थ रहने के दौरान अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले की विभागीय जांच चलने की जानकारी दी गई है।
बताया गया है कि जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया गया था, लेकिन करीब पांच महीने बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। इस मामले की शिकायत पीएमओ तक किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रायपुर में 720 राशन दुकानें
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत रायपुर जिले में करीब 720 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। इनके माध्यम से साढ़े छह लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को चावल, शक्कर और नमक का वितरण किया जाता है। खाद्यान्न के भंडारण के लिए पहले दो ट्रांसपोर्ट एजेंसियों के साथ अनुबंध था।
इनमें होरा ट्रांसपोर्ट एजेंसी और जानम ट्रांसपोर्ट एजेंसी शामिल थीं। जानकारी के अनुसार जानम ट्रांसपोर्ट एजेंसी का अनुबंध अब समाप्त हो चुका है। शहर में तीन गोदामों के माध्यम से राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाया जाता है।
खाद्य नियंत्रक ने क्या कहा?
खाद्य नियंत्रक रायपुर भूपेंद्र मिश्रा के अनुसार, एक ट्रांसपोर्ट एजेंसी का अनुबंध खत्म हो गया है। फिलहाल दूसरी एजेंसी के माध्यम से राशन दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण कराया जा रहा है।
PDS संघ ने बढ़ाने की मांग की
छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ रायपुर के अध्यक्ष नरेश बाफना का कहना है कि तीन केंद्रों से राशन दुकानों में भंडारण होता है। सिर्फ एक एजेंसी होने के कारण सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कम से कम पांच ट्रांसपोर्टरों का टेंडर निकालने की मांग की है। साथ ही गली-मोहल्लों में स्थित दुकानों तक आसानी से खाद्यान्न पहुंचाने के लिए छोटे वाहनों को भी टेंडर में शामिल करने की बात कही है।
Updated on:
27 Sept 2026 04:07 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:06 pm
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