रायपुर

रायपुर के क्लाउड किचन में कॉकरोच, बासी सामग्री और बदबूदार ड्रेनेज, फूड डिलीवरी सेंटर पर 5 हजार रुपए का जुर्माना

Food Hygiene Violation: रायपुर के अवंति विहार स्थित फूड डिलीवरी सेंटर के किचन में कॉकरोच, बासी सामग्री और बदबूदार ड्रेनेज मिलने पर नगर निगम ने ₹5,000 का ई-जुर्माना लगाया।
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Oct 14, 2026
Cloud Kitchen Raipur
अवंति विहार में चूल्हा चौका फूड डिलीवरी पर 5000 रुपए ई-जुर्माना (Photo Source- Patrika)

Cloud Kitchen Raipur: आप जिस मोबाइल ऐप से चमकते विज्ञापनों और आकर्षक तस्वीरों को देखकर गरमा-गरम खाना ऑर्डर कर रहे हैं, क्या वह उसी सफाई से पक रहा है? राजधानी रायपुर में इस सवाल का जवाब चौंकाने वाला सामने आ रहा है। अवंति विहार क्षेत्र में गंदगी की जनशिकायत मिलने के बाद नगर निगम जोन-9 के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को 'चूल्हा चौका' फूड डिलीवरी सेंटर पर औचक छापा मारा।

निरीक्षण के दौरान किचन और परिसर में गंभीर स्तर पर गंदगी, खुले में कचरा और स्वच्छता मानकों का घोर उल्लंघन पाया गया। जोन स्वास्थ्य अधिकारी अमित बेहरा और वार्ड सफाई सुपरवाइजर अशोक सोनवानी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने संचालक को भविष्य में सुधार की कड़ी चेतावनी देते हुए मौके पर ही 5,000 रुपए का ई-जुर्माना वसूला।

निगम अधिकारियों के अनुसार, त्यौहारों और बदलते मौसम के बीच शहर में क्लाउड किचन और फूड डिलीवरी हब्स की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन अधिकांश जगह बेसिक हाइजीन और वेस्ट डिस्पोजल के तय नियमों की अनदेखी की जा रही है।

अवंति विहार में चूल्हा चौका फूड डिलीवरी पर 5000 रुपए ई-जुर्माना

Food Delivery Kitchen: महीनेभर में 15 बड़े प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज

रायपुर नगर निगम और राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा पिछले 30 दिनों में 15 बड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई।

केस 1: 18 सितंबर – मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) स्थित 2 कैफे पर ₹15,000 जुर्माना

लापरवाही: रात के समय औचक निरीक्षण में फ्रीजर में कई दिनों पुराना उबला हुआ पास्ता, सड़ी सब्जियां और एक्सपायरी सॉस की बोतलें मिलीं। किचन के ड्रेनेज से असहनीय बदबू आ रही थी।
कार्रवाई: दोनों कैफे संचालकों पर कुल 15 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया गया और सुधार न होने पर लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस दिया गया।

केस 2: 24 सितंबर – स्टेशन रोड व फाफाडीह के रेस्टोरेंट पर ₹20,000 का जुर्माना

लापरवाही: किचन में खुले बर्तनों में पकी हुई ग्रेवी रखी थी, जिसके आसपास मक्खियां और कॉकरोच घूम रहे थे। कर्मचारियों के पास न तो मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट था और न ही उन्होंने हेड कैप या एप्रन पहन रखे थे।
कार्रवाई: जोन-2 स्वास्थ्य विभाग ने 20 हजार रुपए का ई-जुर्माना वसूलते हुए 7 दिन में सुधार की अंडरटेकिंग ली।

केस 3: 03 अक्टूबर – पंडरी कपड़ा मार्केट स्थित फास्ट फूड कॉर्नर पर ₹8,000 का चालान

लापरवाही: इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल को बार-बार (री-हीटिंग) तलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था (टीपीओ स्तर तय मानक से अधिक पाया गया)। साथ ही सिंगल-यूज प्लास्टिक में गर्म खाना पैक किया जा रहा था।
कार्रवाई: 15 लीटर दूषित तेल जब्त कर नष्ट कराया गया और चालान काटा गया।

केस 4: 09 अक्टूबर – कटोरा तालाब स्थित डिलीवरी-ओनली क्लाउड किचन सील

लापरवाही: बिना वैध एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन और नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस के बेसमेंट में अवैध रूप से संचालित हो रहा था। वेंटिलेशन न होने से फंगस और सीलन के बीच खाना तैयार हो रहा था।
कार्रवाई: विभाग ने परिसर को अस्थायी रूप से सील कर एफआईआर की चेतावनी दी।

ऑनलाइन खाना मंगवाते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

त्योहारी सीजन में बाहर का खाना मंगवाते समय थोड़ी सी सतर्कता आपको फूड पॉइजनिंग और पेट की गंभीर बीमारियों से बचा सकती है:

एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर जांचें:

फूड डिलीवरी ऐप्स पर रेस्टोरेंट के नाम के नीचे दिए गए ‘एफएसएसएआई लाइसेंस’ को चेक करें। यदि किसी आउटलेट का लाइसेंस डिस्प्ले नहीं है, तो वहां से ऑर्डर करने से बचें।

केवल 'डिलीवरी रेटिंग' नहीं, 'डाइन-इन' समीक्षाएं भी देखें:

अक्सर क्लाउड किचन सिर्फ पैकिंग अच्छी करते हैं, लेकिन किचन की असल स्थिति खराब होती है। यदि संभव हो तो ऐसे रेस्टोरेंट चुनें जिनका भौतिक डाइन-इन सेटअप मौजूद हो, क्योंकि वहां सफाई पर निगरानी अधिक रहती है।

गर्म खाने की प्लास्टिक पैकेजिंग पर नजर रखें:

अगर गर्म दाल, सूप या सब्जी पतली या रिसाइकल्ड प्लास्टिक थैली में सीधे पैक की गई है, तो यह कैंसरकारी रसायनों के घुलने का कारण बन सकती है। हमेशा फूड-ग्रेड कंटेनर की मांग करें।

डिलीवरी आते ही 'स्मेल और टेक्सचर' टेस्ट करें:

पैकेट खुलते ही यदि बासी तेल, खटास या अजीब महक आए, तो तुरंत उसका फोटो/वीडियो लें और ऐप पर शिकायत दर्ज करें। ऐसा खाना बच्चों या बुजुर्गों को बिल्कुल न दें।

लापरवाही मिलने पर सीधे यहां करें शिकायत:

रायपुर नगर निगम 'निदान 1100': यदि आपके आसपास किसी ढाबे या क्लाउड किचन से बदबू, खुले में कचरा या नाली जाम की समस्या हो, तो टोल-फ्री नंबर 1100 पर शिकायत दर्ज कराएं।
एफएसएसएआई नेशनल कंज्यूमर पोर्टल: टोल-फ्री नंबर 1800-112-100 या FoSCoS ऐप पर दूषित खाने का बिल और फोटो अपलोड कर सीधी शिकायत की जा सकती है।

रायपुर, जोन-9, जोन स्वास्थ्य अधिकारी, अमित बेहरा के बताया कि "त्यौहारों के मद्देनजर शहर के सभी 10 जोनों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर विशेष मॉनिटरिंग अभियान चलाया जा रहा है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी होटल, कैफे या डिलीवरी किचन को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीधे ट्रेड लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा की जाएगी।"

Updated on:
14 Oct 2026 07:52 pm
Published on:
14 Oct 2026 07:47 pm