
Raipur ITMS Update: छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मजबूत करने और प्रदेश के अन्य शहरों तक इसका विस्तार करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ITMS के संचालन, वित्तीय व्यवस्था और प्रदेशभर में एकरूपता को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। रायपुर में ITMS के संचालन के लिए सड़क सुरक्षा कोष से 12 करोड़ रुपए तत्काल उपलब्ध कराने की तैयारी है। वहीं, सभी शहरों के लिए एक समान ITMS पॉलिसी बनाने की जिम्मेदारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दी गई है।
रायपुर में ITMS परियोजना के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ सड़क सुरक्षा कोष से तत्काल 12 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह राशि आयुक्त नगर निगम रायपुर सह पदेन सचिव रायपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी को हस्तांतरित की जाएगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 में सड़क सुरक्षा कोष के लिए राज्य बजट में पहले से प्रावधानित राशि के अतिरिक्त 12 करोड़ रुपए का प्रावधान अनुपूरक बजट अथवा पुनर्विनियोजन के माध्यम से करने को कहा गया है।
वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर और नवा रायपुर में स्मार्ट सिटी-यूपीएसएस के माध्यम से ITMS परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं दुर्ग में इसका संचालन पुलिस विभाग के माध्यम से हो रहा है। अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के जरिए संचालित व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को ITMS का नोडल विभाग घोषित किया गया है। इसी विभाग को प्रदेश के सभी शहरों के लिए ITMS पॉलिसी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार के निर्देशों के बाद ITMS के संचालन को एक समान नीति और वित्तीय ढांचे के तहत लाने की कवायद तेज होने के संकेत हैं। जिन शहरों में यह व्यवस्था पहले से लागू है, वहां इसके विस्तार और अपग्रेडेशन के साथ प्रदेश के अन्य शहरों में भी ITMS लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के साथ निगरानी और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
रायपुर में ITMS से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होने वाली लाइव मॉनिटरिंग बंद होने के कारण पुलिस की निगरानी व्यवस्था प्रभावित बताई जा रही है। गणेश चतुर्थी के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में शहर के प्रमुख इलाकों में भीड़ बढ़ने के कारण ट्रैफिक सिग्नल और CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जरूरत और बढ़ जाती है। ITMS की व्यवस्था प्रभावित होने से हिट एंड रन, वाहन चोरी और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान में भी दिक्कत आ रही है।
रायपुर के कई चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लगे ITMS कैमरे पहले से ही बंद हैं। इसी बीच कोतवाली थाना क्षेत्र के तीन चौराहों पर लगे कैमरों के केबल चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक 18 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे कालीबाड़ी चौक पर ITMS ट्रैफिक सिग्नल के खंभे और जंक्शन बॉक्स में लगे कैमरा व पावर केबल को किसी ने काटकर चोरी कर लिया।
इसके बाद 8 सितंबर की रात करीब 3 बजे पुलिस लाइन धमतरी गेट और 11 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे टीआई चौक बूढ़ापारा में लगे कैमरों के केबल भी काटकर ले जाने की बात सामने आई। केबल चोरी होने के कारण तीनों चौराहों के CCTV कैमरों ने काम करना बंद कर दिया। ITMS कर्मचारी रोहित चौहान की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों का पता नहीं चल पाया है।
ITMS के तहत रायपुर में अलग-अलग तरह के करीब 900 CCTV कैमरे लगाए गए थे। इनमें से आधे से ज्यादा कैमरे फिलहाल बंद पड़े हैं। बताया गया है कि 380 से अधिक CCTV कैमरे, 36 ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे और 83 इमरजेंसी कॉल बॉक्स निष्क्रिय हैं। इसके अलावा स्मार्ट पोल और डिजिटल साइन बोर्ड भी काम नहीं कर रहे हैं।
ITMS के कैमरों और अन्य उपकरणों का नियमित मेंटेनेंस नहीं होने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई जगह ट्रैफिक सिग्नल भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे यातायात संचालन के साथ संदिग्ध वाहन चालकों की पहचान और ई-चालान जैसी व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है। अब सरकार की ओर से रायपुर ITMS के लिए 12 करोड़ रुपए की तत्काल व्यवस्था और प्रदेशभर के लिए एक समान ITMS पॉलिसी तैयार करने के निर्देश के बाद सिस्टम को दोबारा मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है।