रायपुर

Raipur Labour News: रायपुर में श्रमिकों को नहीं मिल रहा न्याय! 35 से ज्यादा कुर्की की फाइलें तहसील में धूल खा रहीं

Labour Court Order बावजूद रायपुर में 35 से अधिक कुर्की की फाइलें लंबित हैं, जिससे कई श्रमिकों का लाखों रुपये का भुगतान अब तक अटका हुआ है।
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Aug 08, 2026
Raipur Labour News
Raipur Labour News: कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला भुगतान(photo-patrika)

Raipur Labour News: श्रम न्यायालय से फैसला मिलने के बाद भी कई श्रमिकों को उनका बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है। ग्रेच्युटी और अन्य मामलों में श्रमिकों के पक्ष में आदेश जारी होने के बावजूद कई कंपनियां भुगतान नहीं कर रही हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय ने संबंधित पक्षों की संपत्ति कुर्क कर राशि दिलाने के लिए तहसील कार्यालयों को निर्देश दिए हैं, लेकिन कार्रवाई अब तक पूरी नहीं हो सकी। रायपुर जिले में 35 से अधिक कुर्की संबंधी फाइलें लंबित हैं, जिनमें लाखों रुपये का भुगतान अटका हुआ है। श्रमिक लगातार अपने हक के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

Raipur News: कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला भुगतान

श्रम न्यायालय ने कई मामलों में श्रमिकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनियों और अन्य अनावेदकों को बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन नहीं होने पर श्रमिकों ने दोबारा न्यायालय का रुख किया। इसके बाद न्यायालय ने संपत्ति कुर्क कर राशि वसूलने के लिए राजस्व अधिकारियों को पत्र जारी किए।

कलेक्टर की मंजूरी के बाद भी अटकी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू करने से पहले जिला कलेक्टर की मंजूरी आवश्यक होती है। इसके बाद संबंधित आदेश एसडीएम कार्यालय भेजा जाता है और फिर तहसीलदार तथा पटवारी के माध्यम से कार्रवाई की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने लग जाते हैं, जिससे श्रमिकों को समय पर राहत नहीं मिल पाती।

तहसील कार्यालयों में लंबित हैं 35 से अधिक मामले

श्रम विभाग के अनुसार पिछले एक वर्ष में 35 से अधिक ग्रेच्युटी मामलों में श्रम न्यायालय ने आदेश जारी किए हैं। इनमें कई मामलों की सुनवाई वर्षों तक चली, लेकिन आदेश आने के बाद भी संबंधित पक्षों ने भुगतान नहीं किया। परिणामस्वरूप अब इन मामलों की कुर्की संबंधी फाइलें तहसील कार्यालयों में कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं।

लाखों रुपये का भुगतान अब भी अटका

लंबित मामलों में कई ऐसे प्रकरण भी शामिल हैं, जिनमें श्रमिकों को लाखों रुपये का भुगतान किया जाना है। भुगतान नहीं मिलने के कारण प्रभावित श्रमिक लगातार तहसील कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं और कार्रवाई पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।

समय पर कार्रवाई की मांग

श्रमिकों का कहना है कि न्यायालय से फैसला मिलने के बाद भी यदि भुगतान के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़े, तो न्याय का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है। उन्होंने प्रशासन से लंबित कुर्की मामलों में जल्द कार्रवाई कर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

Updated on:
08 Aug 2026 07:48 am
Published on:
08 Aug 2026 07:47 am