रायपुर

EXPOSED! रायपुर में रागी योजना फर्जीवाड़ा का हुआ खुलासा, रिपोर्ट में 186 किसानों का नाम, लेकिन एक को नहीं मिला बीज

Rashtriya Krishi Vikas Yojana (RKVY): छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में रागी फसल योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। कृषि विभाग ने 186 किसानों को लाभ मिलने का दावा किया, लेकिन कई किसानों ने बीज मिलने और रागी की खेती करने से इनकार किया।
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Jul 09, 2026
Ragi Crop Scheme:
Ragi Crop Scheme: रागी फसल योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा?(photo-patrika)

Ragi Crop Scheme: छत्तीसगढ़ के गोबरा-नवापारा तहसील क्षेत्र में कृषि विभाग की रागी फसल प्रदर्शन योजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत 157.8 हेक्टेयर क्षेत्र में रागी की खेती और 186 किसानों को लाभ मिलने का दावा करते हुए प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि, सूची में शामिल कई किसानों ने दावा किया कि उन्हें न तो रागी का बीज मिला और न ही उन्होंने इस फसल की खेती की। किसानों के इन बयानों के बाद विभागीय रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।

Ragi Scheme Scam: कई किसानों ने बीज मिलने से किया इनकार

रिपोर्ट में शामिल किसानों से बातचीत में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। कुछ किसानों ने कहा कि उन्हें रागी का बीज कभी उपलब्ध ही नहीं कराया गया। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि कृषि विभाग ने उनसे संपर्क जरूर किया था, लेकिन उनकी जमीन रागी की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होने के कारण उन्होंने योजना में भाग नहीं लिया। इसके बावजूद उनका नाम लाभार्थियों की सूची में दर्ज कर दिया गया।

चार विकासखंडों के 186 किसानों का दावा

कृषि विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार धरसींवा, आरंग, तिल्दा और अभनपुर विकासखंडों के कुल 186 किसानों का चयन किया गया था। विभाग का दावा है कि इन किसानों ने 0.20 हेक्टेयर से लेकर 2 हेक्टेयर तक रागी की खेती की और उन्हें योजना का लाभ मिला।

किसानों के बयान से बढ़ा विवाद

तिल्दा क्षेत्र के एक किसान ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष केवल धान की खेती की थी और उन्हें रागी का बीज नहीं मिला। वहीं एक अन्य किसान ने कहा कि उनके गांव में रागी की खेती होती ही नहीं है। विभाग की ओर से प्रस्ताव मिला था, लेकिन जमीन उपयुक्त नहीं होने के कारण उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बावजूद उनका नाम रिपोर्ट में दर्ज है।

कृषि विभाग ने गड़बड़ी से किया इनकार

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों का चयन, बीज वितरण और फसल प्रदर्शन की पूरी प्रक्रिया ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से की गई थी। विभाग का दावा है कि अब तक इस योजना में किसी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

जांच की उठी मांग

मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सदस्य स्वाति वर्मा ने कहा कि यदि योजना में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए और यदि अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

दिशा समिति की बैठक में पेश हुई थी रिपोर्ट

हाल ही में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी (दिशा) समिति की बैठक में कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 186 किसानों को मुफ्त रागी बीज वितरण और 157.8 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल प्रदर्शन का उल्लेख किया गया था। अब किसानों के दावों के बाद इसी रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल उठने लगे हैं।

Updated on:
09 Jul 2026 03:10 pm
Published on:
09 Jul 2026 03:10 pm