
Ramgopal Agrawal: छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। कोल लेवी घोटाले में मिली पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां EOW को 25 जुलाई तक पूछताछ के लिए रिमांड मंजूर हुई। जांच एजेंसी का कहना है कि आबकारी घोटाले से जुड़े कथित लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कोल लेवी घोटाले में मिली 14 दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल को शुक्रवार को ACB/EOW की विशेष अदालत में पेश किया गया। इस दौरान EOW ने आबकारी घोटाले में पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड की मांग की। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने EOW को तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की। अब जांच एजेंसी 25 जुलाई तक उनसे आबकारी घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
EOW का कहना है कि आबकारी घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच अभी बाकी है। एजेंसी को संदेह है कि मामले में कई स्तरों पर आर्थिक लेन-देन हुए हैं, जिनकी जानकारी जुटाने के लिए रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ जरूरी है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान वित्तीय दस्तावेज, संपर्कों और अन्य संबंधित जानकारियों की भी जांच की जाएगी। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय तक कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के कोल लेवी और आबकारी घोटाले की जांच पिछले कई महीनों से जारी है। EOW और ACB लगातार इस मामले में जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही हैं। अब रामगोपाल अग्रवाल से होने वाली पूछताछ को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।