रायपुर

Ramnami: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में चमका छत्तीसगढ़, ‘राम-नामी’ बनी देश की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री

National Film Awards 2026: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में छत्तीसगढ़ की 'राम-नामी' डॉक्यूमेंट्री को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिला है। रामनामी समुदाय की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित इस फिल्म ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
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Jul 20, 2026
Ramnami
Ramnami: 'राम-नामी' डॉक्यूमेंट्री(photo-patrika)

Ramnami: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2026 में छत्तीसगढ़ ने अपनी सांस्कृतिक विरासत का परचम लहराया है। प्रदेश के प्रसिद्ध रामनामी समुदाय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'राम-नामी' को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इस उपलब्धि ने पूरे राज्य को गौरवान्वित कर दिया है और एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराएं देश-दुनिया को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं।

Ramnami Community: शरीर पर 'राम', जीवन में भक्ति

रामनामी समाज अपनी अनूठी पहचान के लिए जाना जाता है। इस समुदाय के लोग अपने शरीर पर 'राम' नाम अंकित करवाते हैं और भगवान राम के प्रति अपनी आस्था को जीवन का आधार मानते हैं। डॉक्यूमेंट्री में उनके दैनिक जीवन, धार्मिक मान्यताओं और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को बेहद संवेदनशीलता और गहराई से प्रस्तुत किया गया है।

कैमरे ने दुनिया को दिखाई छत्तीसगढ़ की आत्मा

निर्देशक भरतबाला गणपति और उनकी टीम ने फिल्म के माध्यम से रामनामी समाज के उन पहलुओं को सामने लाया है, जो अब तक सीमित दायरे में ही जाने जाते थे। फिल्म न केवल एक समुदाय की कहानी कहती है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आत्मा, उसकी संस्कृति और उसकी आध्यात्मिक विरासत को भी दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा- यह पूरे प्रदेश का सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार राज्य की लोक संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी टीम को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि प्रदेश के कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को नई प्रेरणा देगी।

अब विश्व मंच तक पहुंचेगी रामनामी की गूंज

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान के बाद रामनामी समाज की परंपराएं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगी। इससे न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी, बल्कि प्रदेश में लोक संस्कृति पर आधारित फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। 'राम-नामी' की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि कहानी अपनी मिट्टी से जुड़ी हो, तो वह सीमाओं को पार कर देश और दुनिया के दिलों तक पहुंच सकती है।

Updated on:
20 Jul 2026 05:37 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:36 pm