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“21 जुलाई मेरा अंतिम दिन होगा..” जंतर मंतर में छत्तीसगढ़ के युवा इनेश कुमार की सरकार को बड़ी चेतावनी, VIDEO

Inesh Kumar Statement: जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन के बीच छत्तीसगढ़ के युवा इनेश कुमार का बयान वायरल हो रहा है। उन्होंने संसद मार्च को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन की अपील की है।
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Jantar Mantar Protest

Jantar Mantar Protest: जंतर मंतर में छत्तीसगढ़ के युवा इनेश कुमार(photo-patrika)

Jantar Mantar Protest: भारत के राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में सीजेपी (CJP) आंदोलन और संसद मार्च को लेकर देशभर में चर्चा के बीच छत्तीसगढ़ के युवा इनेश कुमार का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल में शामिल रहे इनेश ने 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि प्रदर्शनकारियों को अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अवसर मिलना चाहिए।

इनेश कुमार ने अपने वक्तव्य में आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनके बयान के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों और सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Inesh Kumar in Jantar Mantar Protest: शिक्षा सुधार और युवाओं की आवाज का मुद्दा

सीजेपी आंदोलन से जुड़े छात्र और युवा लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। आंदोलन में शामिल लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।

संसद मार्च पर टिकीं निगाहें

20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। प्रदर्शन में शामिल संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।इनेश कुमार के बयान के बाद कई लोगों ने अपील की है कि सभी पक्ष संयम बरतें और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास करें।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इनेश कुमार के वक्तव्य ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां कई लोग युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस तरह के भावनात्मक बयानों से बचने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

फिलहाल, संसद मार्च को लेकर तैयारियां जारी हैं और देशभर के युवाओं की नजरें अब 20 जुलाई की घटनाओं पर टिकी हुई हैं। आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।