
Chhattisgarh Rice Millers: छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग (Custom Milling) का चावल जमा नहीं करने वाले राइस मिलर्स पर विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेश के मिलर्स पर करीब 200 करोड़ रुपए कीमत का चावल बकाया है। बार-बार नोटिस और निर्देश देने के बाद भी कई मिलर्स ने चावल जमा नहीं किया। अब ऐसे लापरवाह मिलर्स के खिलाफ बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर चावल जमा नहीं करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
धान उपार्जन केंद्रों से कस्टम मिलिंग के लिए उठाए गए चावल में से FCI और नान (NAN Rice Supply) के लिए कुल 63932.27 मीट्रिक टन चावल अब तक जमा नहीं हुआ है। जबकि चावल जमा करने की तय समय सीमा खत्म हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। हर साल कस्टम मिलिंग के दौरान कई मिलर्स समय पर चावल जमा नहीं करते हैं। विभाग की ओर से ऐसे मिलर्स को नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन कई बार वजन कम होने समेत अन्य कारण बताकर देरी की जाती है।
प्रदेश के कुल 33 जिलों में से अभी तक केवल 11 जिलों के मिलर्स ने लगभग 100 प्रतिशत चावल जमा किया है। बाकी जिलों में अब भी बड़ी मात्रा में चावल जमा होना बाकी है। विभाग का कहना है कि समय पर चावल जमा नहीं करने वाले मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
मार्कफेड के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर जिले में मिलर्स द्वारा सबसे ज्यादा 13707 मीट्रिक टन चावल जमा नहीं किया गया है। इसे लेकर बैंक गारंटी जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रायपुर में अब तक 5 राइस मिलर्स (Rice Millers) से करीब 11.50 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जब्त की जा चुकी है। वहीं करीब 74 मिलर्स को पहले नोटिस जारी कर चावल जमा करने का मौका दिया गया था।
बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई शुरू होने के बाद कई मिलर्स ने चावल जमा करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी भी करीब 10 मिलर्स ऐसे हैं, जिन्होंने बकाया चावल जमा नहीं किया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग ने बैंकों को बैंक गारंटी जब्ती के लिए नोटिस जारी कर दिया है।