रायपुर

छत्तीसगढ़ के CBSE स्कूलों में किताबों का संकट, 9वीं के छात्र पढ़ेंगे 6वीं की किताब, 3 विषयों की पुस्तकें गायब

CBSE Class 9 Book Shortage: छत्तीसगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। तीन विषयों की पुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं होने के कारण छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था से पढ़ाई करनी पड़ रही है।

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Jun 19, 2026
CBSE Textbooks Not Available
CBSE स्कूलों में किताबों का संकट photo-patrika)

रायपुर @अनुराग सिंह। CBSE Schools Book Crisis: प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के सामने भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरी कक्षा को अब नई किताबों के आने तक 6वीं की किताबों से पढ़ना पड़ेगा। साथ ही तीन विषयों की किताबें छपकर आई ही नहीं हैं जिसके कारण मार्केट में किताबें ही नहीं हैं।

6वीं की किताब पढ़ने का कारण नया पाठ्यक्रम, जिसमें तीसरी भाषा (अतिरिक्त भाषा) को शामिल किया गया है। समस्या यह है कि नया आदेश अप्रैल में लागू किया गया, जबकि प्रदेश का नया सत्र पहले ही शुरू हो चुका था। भाषा की नई किताबें दिसंबर तक मिलने की संभावना है। तब तक स्कूलों को व्यवस्था करनी होगी।

गणित, सामाजिक विज्ञान की किताबें भी नहीं

जानकारों के अनुसार, 9 विषयों में से तीन विषयों की किताबें मार्केट में ही नहीं हैं। 9वीं की संस्कृत की किताब न होने के कारण सीबीएसई ने 6वीं कक्षा के संस्कृत किताब की पढ़ाई करवाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे ही गणित में पार्ट की किताब और सामाजिक विज्ञान की किताब भी अभी तक मार्केट में नहीं है। जिसके कारण स्कूलों के साथ ही स्टूडेंट्स को भी काफी समस्या हो रही है।

परीक्षा के दो माह पहले आएंगी किताबें

एक्सपर्ट के अनुसार, जो किताबें अभी मार्केट में नहीं आई हैं। वे किताबें दिसंबर तक मार्केट में आएंगी। वहीं, सीबीएसई स्कूलों में परीक्षाएं फरवरी से ही शुरू हो जाती हैं। जिसके चलते विद्यार्थियों के पास दो माह का ही समय बचेगा। वहीं, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जब किताबें ही नहीं हैं, बच्चों का आकलन किस आधार पर किया जाएगा?

सीबीएसई स्कूलों का शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। 2 से 3 विषयों की किताबें अभी तक छपकर नहीं आई हैं। किताबों की अनुपलब्धता की स्थिति में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। किताबों की अनिवार्यता करते समय उपलब्धता का भी ध्यान रखना चाहिए। - राजीव गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्राइवेेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन

किताबों की अनुपलब्धता ने छत्तीसगढ़ के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्र शुरू होने के कई महीने बाद भी जरूरी पुस्तकें नहीं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए पाठ्यक्रम को लागू करने के साथ-साथ समय पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी प्रभावित न हो।

Updated on:
19 Jun 2026 08:33 am
Published on:
19 Jun 2026 08:04 am