
Smart Meter E-KYC Update: दिनेश कुमार की रिपोर्ट. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेशभर में अवैध बिजली कनेक्शनों पर शिकंजा कसने और पहचान करने के लिए केवाईसी जैसा बड़ा कदम उठाने जा रही है। लिए सीएसपीडीसीएल स्मार्ट मीटर की ई केवाईसी कराने जा रही है। सभी उपभोक्ताओं को आधार से जोड़ा जाएगा। फेस रीडिंग और आधार से कनेक्ट मोबाइल नंबर में ओटीपी के माध्यम से ई केवाईसी किया जाएगा। इससे अवैध बिजली कनेक्शनों का पता लग सकेगा। अब केवल जिनके नाम स्मार्ट मीटर है, वहीं बिजली का उपयोग कर सकेंगे।
बिजली कंपनी का ई केवाईसी करने कदम से वास्तविक उपभोक्ता का पता चलेगा। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन में नाम परिवर्तन के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा। साथ ही वास्तविक उपभोक्ता का पता भी चलेगा कि वह उस घर में रह रहा है कि नहीं। सितंबर माह से सीएसपीडीसीएल स्मार्ट मीटर की ई केवाईसी का काम शुरू कर देगी। सीएसपीडीसीएल यह काम केंद्र सरकार ऊर्जा मंत्रालय के निर्देश पर करने जा रहा है।
ई-केवाईसी बिजली विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर करेंगे। इसके लिए मीटर रीडिंग वाले कर्मचारियों को लगाया जाएगा। फेस रीडिग़ और आधार नंबर पर ओटीपी भेजकर केवाईसी होगी। (Smart Meter Update) ऑनलाइन ई केवाईसी कराने की सुविधा भी मोर बिजली ऐप पर सीएसपीडीसीएल उपलब्ध कराएगा।
स्मार्ट मीटर का आधार से लिंक करने के लिए ई केवाईसी का काम देश के कई राज्यों में शुरू हो चुका है। दिल्ली, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में स्मार्ट मीटर का ई केवाईसी कराने का काम तेजी से चल रहा है। जबकि, उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में स्मार्ट मीटर ईकेवाईसी का काम लगभग पूरा हो चुका है।
ई केवाईसी- इससे उपभोक्ता का 12 अंकों का आधार नंबर के डेटाबेस से मिलाया जाता है। इससे उपभोक्ता का बिजली खाता (सीए नंबर) सत्यापित आधार से जुड़ जाएगा। बिजली किसी कागजी दस्तावेज से।
सभी बिजली उपभोक्ताओं को अपना आधार अपने सीए नंबर से लिं करना अनिवार्य है। इससे बिजली चोरी रुकेगी और सब्सिडी सीधे खाते में मिलेगी। बिलिंग में सुधार होगा।
शुल्क: यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रहेगी। यदि काई कर्मचारी शुल्क मांगता है, तो उपभोक्ता की शिकायत पर सीएसपीडीसीएल द्वारा कार्रवाई का प्रावधान। प्रतिदिन उपभोक्ताओं का लिया जाएगा फीडबैक। ऐसे फोल कॉल से भी उपभोक्ताओं को सावधान रहना होगा।
आधार लिंक होने के बाद उपभोक्ता का डाटा सीएसपीडीसीएल के पास पहुंच जाएगा। ऐसे में सीएसपीडीसीएल के पास डाटा सुरक्षित रखने की चुनौती रहेगी। साथ ही सीएसपीडीसीएल को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से इसके लिए अनुमति भी लेनी होगी।
उच्च दाब- 4151
गैर घरेलू (कमर्शियल)- करीब 5 लाख सभी श्रेणी
कृषि पम्प उपभोक्ता- करीब 6 लाख
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड (मूल प्रति)
आधार से लिंग सक्रिय मोबाइल नंबर
बिजली बिल में छपा सीए नंबर
राशन कार्ड (बीपीएल कार्ड वालों के लिए)
बैंक खाता नंबर- सब्सिडी के पात्र बिजली उपभोक्ताओं के
ये हों हेल्पलाइन नंबर
सीएसपीडीसीएल हेल्पलाइन नंबर 1912
आधार हेल्पलाइन: 1974 (सुबह 7 से रात 11 बजे तक)
सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट व कस्टमर ई मेल