
रायपुर@ताबीर हुसैन। Re-NEET 2026: राजधानी में री- नीट परीक्षा की प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं। पिछली बार केंद्रों तक पहुंचने के लिए गूगल मैप्स पर निर्भर रहने वाले अभ्यर्थी देरी से पहुंचे और एग्जाम नहीं दे पाए। गूगल मैप पर भरोसा करना इतना महंगा पड़ा था कि सेंटर कैंपस के दो साइड वाले दरवाजे के कारण वे लेटलतीफी के शिकार हो गए थे।
21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए जिले 25 सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें 9050 अभ्यर्थी शामिल होंगे। जानकारों का कहना है कि बाहर से रायपुर आए अभ्यर्थियों को रिपोर्टिंग टाइम से दो घंटे पहले ही पहुंच जाना चाहिए जबकि रायपुर के अभ्यर्थियों को एक दिन पहले ही सेंटर देख लेना चाहिए।
पिछली परीक्षा में रायपुर के एक केंद्र पर एक छात्रा महज एक मिनट की देरी से पहुंची। गूगल मैप्स ने गलत रूट या गेट दिखाया, जिससे एंट्री नहीं मिली। गेट पर रोते हुए उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह केस उन सभी छात्रों के लिए सबक है जो सिर्फ मैप पर भरोसा करते हैं।
कई अभ्यर्थी मुख्य गेट पर पहुंचे, लेकिन गूगल मैप्स गलत ब्लॉक या एंट्री पॉइंट दिखा रहा था। 20-40 मिनट लेट हो गए।
दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर आदि जगहों से आने वाले छात्र पुराने रोड या इग्नोर किए गए बायपास पर फंस गए। 45 मिनट से 1 घंटा लेट होना आम रहा, जिससे परीक्षा देने का मौका चला गया।
गूगल मैप सुविधाजनक है लेकिन नीट जैसे एग्जाम में यह घातक साबित हो सकता है। अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे एक दिन पहले ही सेंटर्स देख आएं। परीक्षा वाले दिन एंट्री टाइम में ही कैम्पस के बाहर पहुंच जाएं। -कुणाल सिंह, कोचिंग सेंटर मैनेजर