
Chhattisgarh PWD: छत्तीसगढ़ में शासकीय कार्यक्रमों के दौरान टेंट-पंडाल, साउंड सिस्टम और लाइटिंग व्यवस्था से जुड़े लंबित भुगतानों को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने अब इन मामलों की नियमित निगरानी का फैसला किया है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को हर महीने e-File के माध्यम से भुगतान और लंबित देयकों की जानकारी देनी होगी। PWD सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रमुख अभियंता को पत्र जारी कर 31 मार्च 2026 तक के लंबित मामलों के निराकरण और अप्रैल से जून 2026 तक के देयकों का भी समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रमुख अभियंता को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग को प्रतिवर्ष “अतिविशिष्ट व्यक्तियों के भ्रमण मद” के अंतर्गत बजट आवंटित होता है। इसी बजट से शासकीय कार्यक्रमों में मंच निर्माण, सुरक्षात्मक बैरिकेडिंग, टेंट, लाइटिंग और साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं की जाती हैं।
पत्र में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि 31 मार्च 2026 तक आयोजित सभी शासकीय कार्यक्रमों के लंबित भुगतानों की गहन जांच कर उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित कार्यक्रमों से संबंधित देयकों की भी नियमानुसार जांच कर 25 जुलाई तक उनका भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी माह में आयोजित कार्यक्रमों से संबंधित बकाया भुगतान उसी माह की अंतिम तिथि से पहले प्राप्त किए जाएं। इसके बाद नियमानुसार जांच कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
साथ ही, प्रमुख अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक माह भुगतान और लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी e-File के माध्यम से सचिव कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इससे बकायों की नियमित निगरानी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
लोक निर्माण विभाग का यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शासकीय कार्यक्रमों में सेवाएं प्रदान करने वाले टेंट, साउंड और लाइटिंग से जुड़े व्यवसायियों को समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही, विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की निगरानी भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।