रायपुर

जांच रिपोर्ट और दवाओं की फाइलें लेकर घूमने की जरूरत नहीं, एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी, Ayushman Bharat Yojana में नई सुविधा

Ayushman Bharat New Update 2026: आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सितंबर 2026 से मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी।
2 min read
Jul 03, 2026
Ayushman Bharat Medical History
आयुष्मान योजना (photo-patrika)

Ayushman Bharat Scheme: आयुष्मान भारत योजना में इलाज कराने वाले मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री अब एक क्लिक पर देखी जा सकेगी। यह सेवा सितंबर से शुरू होगी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सरकारी व निजी अस्पतालों को मरीजों की होने वाली जांच को निर्धारित एनआईएमएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा। ये पोर्टल आयुष्मान व मरीजों की आभा आईडी से लिंक किया जाएगा। इससे मरीज अपनी जांच रिपोर्ट देश के किसी भी हिस्से से कहीं भी देख सकेंगे। छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों का पंजीयन आभा आईडी में हो रहा है। हालांकि कई अस्पताल इसमें पिछड़ गए हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान में पंजीकृत देश के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को सभी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है। इसके लिए 31 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। अस्पताल इस काम में रूचि दिखाए इसलिए प्राधिकरण दस्तावेज अपलोड करने वाले अस्पतालों को इंसेंटिव भी देगा। आयुष्मान योजना (Ayushman Bharat Scheme) यानी स्टेट नोडल एजेंसी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नए पंजीकृत अस्पतालों को पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है।

Ayushman Bharat Medical History: बड़ी-बड़ी फाइल लेकर घूमने की जरूरत नहीं

वर्तमान में मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन नहीं होने के कारण मरीज व उनके परिजनों को ओपीडी-आईपीडी पर्ची से लेकर जरूरी जांच संबंधी दस्तावेज की मोटी फाइल लेकर घूमनी होती है। कई बार रिपोर्ट गुम भी हो जाती है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। यही नहीं डॉक्टरों को भी दोबारा जांच करानी पड़ती है। ऑनलाइन सेवा शुरू होने पर डॉक्टर आईडी से एक क्लिक पर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देख सकेंगे।

ABHA ID Medical Records: मरीज का कब क्या इलाज चला दवा क्या दी, रहेगी जानकारी

नई सुविधा से डॉक्टरों को यह भी पता रहेगा कि मरीज का कब-कब क्या इलाज चला और कौनसी दवाइयां दी गईं। यही नहीं रिपोर्ट संलग्न रहने से यह भी पता चलेगा कि मरीजों की क्या-क्या जांच हुई है। मरीज कुछ छिपा भी नहीं पाएगा। कई बार संकोच में मरीज पूरी जानकारी नहीं देता। इससे इलाज प्रभावित होता है। यही नहीं बीमारी को भी ठीक होने में समय लगता है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (Ayushman Bharat Digital Mission) के तहत सरकारी व निजी अस्पतालों को मरीजों की होने वाली जांच को निर्धारित एनआईएमएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे डॉक्टर मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री एक क्लिक पर देख सकेंगे। - संजीव झा, हैल्थ डायरेक्टर

Updated on:
03 Jul 2026 01:13 pm
Published on:
03 Jul 2026 12:50 pm