
रायपुर। CG Assembly Election 2023 : विधानसभा चुनाव के दौरान शराब, साड़ी, गिफ्ट या अन्य कोई भी सामग्री बांटने, तस्करी करने वालों पर नजर रखने तगड़ी तैयारी की गई है। एक-एक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किया गया है। इसमें एक प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की टीम शामिल है। चुनाव कंट्रोल रूम से पुलिस कंट्रोल रूम या किसी भी तरह से शिकायत मिलते ही मौके पर जाएगी। इसके अलावा स्टैथिक निगरानी दल भी गठित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशी और उसके समर्थक आम लोगों को कई तरह से प्रलोभन देने की कोशिश करते हैं। खासकर शराब बांटने की शिकायतें ज्यादा रहती हैं।
आउटर में ज्यादा तस्करी
रायपुर विधानसभा के आउटर के इलाके में शराब, साड़ी तस्करी ज्यादा होती है। दरअसल रायपुर के ग्रामीण हिस्से से आरंग, अभनपुर, धरसींवा विधानसभा क्षेत्र जुड़े हुए हैं। एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण होने के कारण इलाकों में शराब तस्करी ज्यादा होती है। इसके चलते पुलिस का फोकस भी इन्हीं इलाकों में ज्यादा है। अधिकांश गांवों में कोचिए हैं। इन कोचियों के जरिए गांव-गांव शराब पहुंचाई जाती है। सूत्रों के मुताबिक वोटिंग से एक-दो दिन पहले शराब बांटने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ उन्हीं कोचियों का इस्तेमाल किया जाता है।
सोशल मीडिया की निगरानी भी
चुनाव की घोषणा होने के बाद सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया में आने वाले मैसेज, वीडियो, फोटो और चुनाव संबंधी अन्य जानकारियों, भ्रामक मैसेज, जाति-धर्म को लेकर किसी तरह की प्रतिकूल टिप्पणी, भड़काऊ मैसेज आदि पर नजर रखी जा रही है। हर जिले में सोशल मीडिया निगरानी सेल है। इसके अलावा चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत भी नजर रखी जा रही है।
हर विधानसभा में तीन-तीन फ्लाइंग स्क्वाड बनाया गया है। चुनाव से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। चुनाव कंट्रोल रूम से या किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचेंगे। चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार शराब, साड़ी व अन्य तरह की चीजों के अवैध परिवहन पर कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज चंद्राकर, एएसपी ग्रामीण, रायपुर