रायपुर

CGPSC Mains Exam 2025: PSC में पूछा- ‘जिंहा चार बांभन, तिहां परे लांघन’, ठेठ छत्तीसगढ़ी सवालों से अभ्यर्थियों के छूटे पसीने

CGPSC: सीजीपीएससी मेन्स के पहले दिन भाषा के पेपर में ठेठ छत्तीसगढ़ी मुहावरों और व्याकरण से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों की कड़ी परीक्षा ली। 'जिंहा चार बांभन, तिहां परे लांघन' जैसे मुहावरों का अर्थ पूछे जाने पर कई परीक्षार्थी उलझ गए।

2 min read
Jun 07, 2026
CGPSC Mains Exam 2025
सीजीपीएससी मेन्स (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर @ताबीर हुसैन। CGPSC Mains Exam 2025: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की मुख्य परीक्षा का शनिवार को कड़ी सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल में हुई। राजधानी के तीन निर्धारित केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 1,099 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग 97 प्रतिशत परीक्षार्थी शामिल हुए। सुबह 9 से 12 बजे तक चली पहली पाली में भाषा का पेपर था, जिसने अभ्यर्थियों की छत्तीसगढ़ी व्याकरण और मुहावरों पर पकड़ की कठिन परीक्षा ली।

पीएससी ने पूछा 'जिंहा चार बांभन, तिहां परे लांघन' मुहावरे का अर्थ

प्रश्नपत्र में 'जिंहा चार बांभन, तिहां परे लांघन' जैसे ठेठ मुहावरों के अर्थ पूछे गए, जबकि 'घरगौसैयां' और 'गोसैयांघर' के बीच के सूक्ष्म व्याकरणिक अंतर ने अभ्यर्थियों को काफी उलझाया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच अभ्यर्थियों को 'फेस स्कैनिंग' की अनिवार्य प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही प्रवेश दिया गया।

हालांकि भीषण गर्मी को देखते हुए दानी गर्ल्स स्कूल सहित अन्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जहां नींबू पानी, जल-जीरा और ओआरएस के साथ मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। परीक्षा के पहले दिन दो पालियों में पेपर आयोजित हुए।

साहित्य के प्रश्नपत्र में लेवल ऊंचा रहा

साहित्य खंड में प्रश्नपत्र का स्तर काफी उच्च रहा। परीक्षार्थियों से छत्तीसगढ़ी में रचित छंदबद्ध महाकाव्य 'श्रीसीताराम चरित' के लेखक तथा जेल से 'श्री कृष्ण जन्म स्थान' समाचार पत्र का संपादन करने वाले साहित्यकार के बारे में सवाल किए गए। इसके अलावा, भाषा के पेपर में 'छत्तीसगढ़ का लोक पुराण' के लेखक के बारे में भी पूछा गया।

बता दें कि पुरातत्वविद राहुल कुमार सिंह द्वारा लिखित इस पुस्तक को 2024-25 में समग्र शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इस कृति की महत्ता पर ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल ने अपनी टिप्पणी में इसे 'मेरा चश्मा' कहकर सराहा था।

समसामयिक और राज्य के विकास पर केंद्रित सवाल

दोपहर 2 से 5 बजे तक आयोजित दूसरी पाली में निबंध का पेपर हुआ। इसमें 'पांच ल पंदरा करना', 'नवा बइला के चिक्कन सिंग' जैसे मुहावरों के अर्थ पूछे गए। निबंध लेखन के लिए विषय अत्यंत प्रासंगिक और चुनौतीपूर्ण थे। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर 'मध्य पूर्व एशिया संघर्ष तथा भारत की ऊर्जा सुरक्षा नीति पर प्रभाव' जैसे गंभीर विषय दिए गए।

वहीं, राज्य के खंड में 'छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला: व्यावसायीकरण का प्रभाव', 'मुख्यमंत्री एआई मिशन' और 'छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा' जैसे विषयों पर अभ्यर्थियों से उनके तार्किक और विश्लेषणात्मक विचार मांगे गए। कुल मिलाकर, पहले दिन की परीक्षा ने अभ्यर्थियों की न केवल भाषाई दक्षता, बल्कि उनके समसामयिक और राज्य की नीतियों के प्रति गहरी समझ का भी आकलन किया।

आज के पेपर

  • पेपर 3: सामान्य अध्ययन 1
  • पेपर 4: सामान्य अध्ययन 2
Published on:
07 Jun 2026 07:21 am