रायपुर

साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने को लेकर बवाल… पूर्व MLA विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेसी गिरफ्तार, सेंट्रल जेल लेकर पहुंची पुलिस

Big Breaking News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइंस कॉलेज चौपाटी को शिफ्ट करने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच पुलिस ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
2 min read
Nov 22, 2025
साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने पहुंचा निगम दल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने पहुंचा निगम दल (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Former MLA Vikas Upadhyay arrested: राजधानी रायपुर में शनिवार सुबह साइंस कॉलेज चौपाटी हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यवसायियों और कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। नगर निगम की टीम अल्टीमेटम की समय सीमा समाप्त होने के बाद सुबह 5 बजे कार्रवाई के लिए पहुंची तो व्यापारियों के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं ने भी इसका जबरदस्त विरोध किया। पूरी रात से चौपाटी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ था और सुबह होते-होते विरोध उग्र रूप ले चुका था।

कांग्रेस नेताओं का धरना, जेसीबी के सामने लेटकर दिया विरोध

बीती रात से ही पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत कई कांग्रेसी व्यापारियों के समर्थन में चौपाटी पर डटे रहे। जैसे ही निगम कर्मचारी जेसीबी और वाहनों के साथ कार्रवाई शुरू करने पहुंचे, कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विरोध में जेसीबी के सामने लेट गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी शुरू हो गई।

विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के व्यापारियों के रोजगार पर सीधा प्रहार कर रहा है। नेताओं ने अधिकारियों से हाथ जोड़कर मांग की कि चौपाटी हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए और पहले व्यवसायियों के लिए नई जगह तय की जाए।

कई नेताओं की गिरफ्तारी

तनाव बढ़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और शासकीय कार्य में बाधा डालने का हवाला देते हुए कार्रवाई का विरोध कर रहे नेताओं को हटाने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय (Former MLA Vikas Upadhyay arrested), नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस बसों में बैठाकर सीधे सेंट्रल जेल ले जाया गया। गिरफ्तारी के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ समय तक सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

निगम की कार्रवाई जारी

दूसरी ओर, निगम प्रशासन ने यह साफ किया कि चौपाटी हटाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था और लंबे समय से व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए थे। निगम अधिकारियों ने कहा कि शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निगम की दर्जनभर से अधिक गाड़ियां, जेसीबी और अमला मौके पर मौजूद हैं और चौपाटी हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Updated on:
22 Nov 2025 11:35 am
Published on:
22 Nov 2025 11:30 am