
रायपुर. थाने में अपराध दर्ज होने से दुखी होकर युवक के खुदकुशी करने के मामले में मुजगहन पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने मृतक के मोबाइल और लैपटॉप की जांच की। इसमें किसी तरह के आपत्तिजनक या सुसाइड से संबंधित कोई सामग्री पुलिस को नहीं मिली है।
उल्लेखनीय है कि धमेंद्र कुमार ऑडिल ने बुधवार को ग्राम धुसेरा में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इससे पहले मंगलवार को पुरानी बस्ती थाने में एक व्यक्ति की शिकायत पर उसके खिलाफ पुलिस ने धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी। जमानत में छूटने के बाद रात में युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतक पीएससी की तैयारी कर रहा था।
छेड़छाड़, आईटी एक्ट क्यों नहीं लगाया?
मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर मृतक ने किसी से छेड़छाड़ या कोई आपत्तिजनक कार्य किया है, तो उसके खिलाफ पुलिस को संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया। इससे पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक कार्रवाई से कॅरियर बर्बाद होने के चलते मृतक को यह कदम उठाना पड़ा।
मनोभाव समझ नहीं पा रहे पुलिस वाले
इससे पहले मोवा थाने में एक आरोपी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। दरअसल थाने में आने वाले आरोपी या कथित आरोपी के मनोभाव को पुलिस अधिकारी समझ नहीं पाते हैं। पुरानी बस्ती वाले मामले में भी पुलिस वाले मृतक के मनोभाव को समझ नहीं पाए। इसके चलते यह घटना हो गई।
रायपुर पुरानी बस्ती के सीएसपी मनोज ध्रुव ने कहा, मामले में मर्ग कायम किया गया है। मर्ग जांच में सभी पहलुओं पर जांच होगी।