
(रिपोर्ट- वीरेंद्र जोशी, ब्यावरा)
Government Wheat Infested: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। ब्यावरा के पीपलबे स्थित प्रभुकृपा परिसर के श्रीयादव गोदाम (23) में रखा हजारों क्विंटल सरकारी गेहूं के बुरादा बनने के मामले में कार्रवाई के पहले ही जिले के 35 और गोदामों में गरीबों के निवाले के 1354.55 करोड़ रुपए के 51 हजार 602.01 मीट्रिक टन गेहूं को और घुन लगने की पुष्टि हुई है। इन्हीं 35 में से तीन गोदामों में रखा 23.7 करोड़ का 8790 मीट्रिक टन गेहूं पूरी तरह से बुरादानुमा पाउडर बनने से रिजेक्ट की श्रेणी (रैक में लदान के समय पृथक) कर दिया गया है। यह चौंकाने वाला खुलासा भारतीय खाद्य निगम यानी फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI Report) की निरीक्षण रिपोर्ट से हुआ है।
दरअसल भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं के उठाव / लदान के पूर्व प्रत्येक गोदाम में रखे अनाज का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाती है। आगामी माह में लगने वाली रैक के लिए इसकी हाल ही में जारी 35 गोदामों की रिपोर्ट में बड़ी मात्रा में गेहूं को घुन लगने और बुरादा बनने की बात सामने आई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से लेकर राजगढ़ जिला कार्यालय तक हडक़ंप मचा हुआ है। गरीबों के निवाले को कीड़ों के खाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह समय पर कीटनाशक का छिडक़ाव और रखरखाव नहीं होना सामने आ रहा है।
विभाग को गोदामों में रखे अनाज की सुरक्षित रखने हर 15 दिन में एक बार कीटनाशक छिडक़ाव व प्रत्येक तीन माह में कीटनाशक की गोलियां रखवाई जाती है, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया गया, इसलिए बड़ी मात्रा में गेहूं को कीड़ों ने चटकर दिया। खास बात यह है कि जिन गोदामों में सरकारी अनाज को कीड़े खा गए हैं उनमें से ज्यादातर नेताओं व बड़े रसूखदारों के है। इसलिए विभागीय अधिकारी भी सीधे तौर पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। रिपोर्ट में उक्त गोदामों में खराब हुए गेहूं को तुरंत कीटमुक्त कराकर एफसीआई को सूचित करने को कहा है।
यहां पढ़े एफसीआई की पूरी रिपोर्ट
यह गेहूं विपणन वर्ष 2025- 26 में जिले में समर्थन मूल्य पर हुई गेहूं खरीदी में किसानों से खरीदकर गोदामों में रखवाया गया था। मप्र वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा जिन निजी गोदामों में भाड़े पर अनाज रखवाया जाता है। उन्हें 81 रुपए प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान करता है। आमतौर पर एक गोदाम में रखे अनाज की मात्रा के हिसाब से विभाग 5- 12 लाख रुपए प्रतिमाह तक किराए का भुगतान करता है। इसके बावजूद गोदामों में रखे अनाज की सुरक्षा को लेकर न तो वेयरहाउस मालिकों ने गंभीरता दिखाई और न ही वेयरहाउस कार्पोरेशन अधिकारियों ने ही समय पर निरीक्षण किए।
इसी लिए गेहूं को कीड़े खा रहे हैं। सवाल यह खड़ा होता है कि, जब गोदाम मालिक किराया वसूल रहे हैं तो आखिर उन्होंने रखरखाव व सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं कराए? दूसरा यह कि, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के ब्रांच मैनेजरों ने भी हर एक, दो सप्ताह में गोदाम का निरीक्षण किया है, फिर भी गेहूं में लगे घुन की सुरक्षा के इंतजाम कराने गोदाम मालिकों को क्यों नहीं चेताया? कहीं ऐसा तो नहीं कि, ब्रांच मैनेजरों ने कागजों में ही निरीक्षण की खानापूर्ति कर ली हो? बड़ी मात्रा में गेहूं खराब होने के मामले में ऐसे कई सवाल है जिनके जवाब शायद ही है कि, जिम्मेदारों के पास हो।
1-, प्रभुकृपा वेयरहाउस (38): एफसीआई की रिपोर्ट अनुसार, ब्यावरा के राजगढ़ रोड के पीपलबे स्थित प्रभुकृपा वेयरहाउस (38) में साल 2025- 26 की खरीदी का 4089 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक रखा है। इसमें से टीम ने पूरे स्टॉक के निरीक्षण कर दौरान सभी स्ट्रैक में 2089 मीट्रिक टन गेहूं की बोरियों पर बुरादानुमा पाउडर पाए जाने का उल्लेख कर भुगतान के दौरान इसे पृथक करने को कहा है।
2-, पटेल वेयरहाउस (55): एफसीआई रिपोर्ट अनुसार, ब्यावरा के नरसिंहगढ़ रोड के अंगदपुरा स्थित पटेल वेयरहाउस (55) में रखे साल 2025- 26 के स्टॉक 2595 मीट्रिक टन के स्ट्रैक नंबर- 1 के एक ब्लॉक में एक्सेस एफएम की बोरियां है। इन्हें लदान के दौरान पृथक कराना अनिवार्य है।
3-, शिवाय वेयरहाउस नरसिंहगढ़: एफसीआई की रिपोर्ट अनुसार, नरसिंहगढ़ के शिवाय वेयरहाउस में साल 2025- 26 के स्टॉक 4806.25 मीट्रिक टन के सभी स्ट्रैक में घुन लगा हुआ है। कुछ स्ट्रैक में निचली परत (लेयर एक व दो) में आटा फार्मेशन यानी बाहर निकल रहे आटानुमा बुरादे की बोरियां है, जिन्हें लदान के समय पृथक किया जाए।
रिपोर्ट के अनुसार, नरसिंहगढ़ के ममता वेयरहाउस (49) में 1500 मी.टन, माही सरिता (47) में 1500, जयश्री (42) में 1200, विनायक (43) में 1500, गुरुकृपा (44) में 500, इंडियन (46) में 1000, बाबारामदेव (30) में 2000, एमएल वेयरहाउस (29 ए) खीमाखेड़ी में 1667, भारत (44) में 2740, ब्यावरा के गायत्री (52) में 2000, पीईजी (01) में 2000, मां पार्वती (48) में 2083, प्रभु वेयरहाउस (51) में 1300, राम लॉजिस्टिक (54) में 3660, नरसिंहगढ़ के ही अनंत (67) में 676, अनंत (66) में 1000, लक्ष्मी (62) में 1000, लक्ष्मी (53) में 1000, महा(54) में 1000, योगऋषि 600, सालिगराम में 3000, प्रशवनाथ (16) में 911, मां जालपा (11) में 3035, खिलचीपुर के श्रीराम वेयरहाउस (11) में 3443, मां जालपा (16) में 3203, श्रीशक्ति (12) में 4603 और ब्यावरा के ही एसपीएस (53) में 3977, यादव (22) में 2992, सलूजा (50) में 4106, बालाजी (21) में 1204 और राधा कृष्णा (69) 1602, गुप्ता (39) में 2000 और लक्ष्मी वेयरहाउस गादिया (07) में 1384.87 मीट्रिक टन गेहूं को कीटयुक्त पाया गया है। उक्त गोदामों में रखे गेहूं को तत्काल साफ व छनाई कराने के निर्देश संबंधित वेयरहाउस मालिकों को देने को कहा है।
बार बार पानी गिरने से ऐसी स्थिति बनती है। हम अगले दो, चार दिन में सभी गोदामों में रखे गेहूं में कीटनाशक व गोलियां रखवाकर स्ट्रैक को कवर कराकर अनाज को कीटमुक्त कराने काम शुरू करेंगे।- प्रेमनारायण केसरिया, जिला प्रबंधक वेयरहाउस कार्पोरेशन राजगढ़