
(राजगढ़ से राजेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
Rajgarh Eco Car Accident: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में आधे सावन बाद बीते 24 घंटे में हुई 83 मिमी बारिश ने तबाही मचा दी। जिले के कस्बे, नगर जलमग्न हो गए। वहीं, सारंगपुर के पड़ाना बायपास पर सोमवार सुबह 11 बजे बड़ा हादसा हो गया। लगातार बारिश के कारण सड़क तक पानी पहुंच गया, जिसका अंदाजा देवास जिले से आया चालक नहीं लगाया पाया और गाड़ी रोड से उतार दी। जिससे इको कार पुल में डूब गई। कार में 11 लोग सवार थे, जिनमसे दो लोगों को ही बचाया जा सका, चार बच्चों सहित नौ लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार देवास के सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव से सारंगपुर के पास देव स्थान पर परिवार जा रहा था। बंजारा समाज के दंपती अपने बेटे-बहू, बेटी-दामाद और नाती-नातिन, पोते-पोतियों के साथ जा रहे थे। तभी यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर सारंगपुर एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी पहुंचे। साथ ही रेस्क्यू टीम पहुंची। क्रेन की मदद से उन्हें ढूंढ़ना शुरू किया। शुरुआत में गाड़ी चालक मुकेश बंजारा और बजारा परिवार के दामाम होकम ही निकल पाए। बाकि सब डूब गए।
देवास जिले के सतवास थाना क्षेत्र से लगे धांसड़ गांव से बंजारा समाज के लोग सारंगपुर के पास किसी धार्मिक स्थल पर जा रहे थे। तभी रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। गाड़ी में एक ही शंकर बंजारा (50), उनकी पत्नी सागरबाई (48), उनका बेटा विशाल (26), उसकी पत्नी पूजा (24) नाती वंशिका (3), महक (10 माह), शंकर की बेटी रीनु (28), दामाद होकम (32) उनके बच्चे राजवीर (3) और जसवीत (5) सवार थे। वे गांव के ही मुकेश बंजारा (36) की इको कार से यहां आए थे। कार डूबने के बाद चालक मुकेश और बंजारा परिवार के दामाद होकम ही बचे हैं। बाकि सभी की मौत हो गई।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने लगातार उन्हें ढूंढ़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत करने पर एक के बाद एक को ढूंढ़ा गया। शुरुआत में एक महिला का शव मिला, फिर एक अन्य का। कुल सात शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। दो बच्चे हैं, जिन्हें अभी तक नहीं ढूंढ़ा जा सका है। गाड़ी में 10 माह से लेकर पांच साल तक के पांच बच्चे सवार थे।
धांसड़ गांव की निवासी सागर बाई के लकवे का उपचार करवाने के लिए पूरा परिवार देव स्थान जा रहा था। उनके गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल ने बताया कि बेहद सामान्य परिवार से वे लोग थे। कुछ समय पहले सागरबाई का एक्सीडेंट हो गया था, इसके बाद वे लकवाग्रस्त हो गई थीं, कोमा में चली गई थीं। सारंगपुर के पास स्थित उक्त देव स्थान पर जाने से उन्हें आराम मिल रहा था। इसी के चलते पूरे परिवार के लोग इको कार में सवार होकर वहां जा रहे थे।
धांसड़ गांव के लोगों ने बताया कि उनके पूरे परिवार के लोग गाड़ी में सवार थे। एक बेटा कुशाल इंदौर में रहता है। अब परिवार में वही बचा है। उसे काफी देर बात इस घटना की पता चल पाया। बताया जाता है कि पूरा परिवार सामान्य है, मजदूरी करते हैं। साथ ही पहले बीमारी में शंकर की पत्नी से को काफी राशि लगा चुके थे और आर्थिक रूप से काफी परेशान हो चुके थे। उन्होंने सागरबाई के उपचार केलिए अपनी जमीन तक गिरवी रख दी थी।
परिवार सतवास से सारंगपुर क्षेत्र में जा रहा था। चालक स्थानीय रास्ते से परिचित नहीं था। तेज बारिश और पुल पर भरे पानी के कारण उसे सड़क की स्थिति और पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा। कार आगे बढ़ी तो पानी में फंसने के बाद असंतुलित होकर पुल से बह गई। देखते ही देखते कार पानी में समा गई और उसमें बैठे लोग लापता हो गए।
जिले के साथ ही अकेले पड़ाना में बीते 24 घंटे में 8 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। हर तरफ पानी ही पानी हो चुका है। यही पानी बायपास तक पहुंच गया, जिसके चलते पुल के पास का पानी कार चालक को समझ नहीं आया और कार जलमग्न हो गई। यानी सर्वाधिक बारिश के चलते ऐसा हुआ है, हर तरफ पानी हुआ, पुल और रोड के आसपास भी पानी हो गया, जिसके चलते ऐसा हादसा हो गाय।
ग्रामीणों के अनुसार बायपास के पुल पर पहले से पानी भरा हुआ था। गांव के लोगों ने इको कार के चालक को पुल की ओर जाने से रोकने की कोशिश भी की, लेकिन चालक नहीं माना और उसने बिना किसी परवाह के जोखिम उठाते हुए वाहन को आगे बढ़ाया और पानी में कूदा दिया। इसके बाद पानी के तेज बहाव में इको कार बह गई। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, रेस्क्यू टीमों ने मदद की, तब जाकर रेस्क्यू के प्रयास हुए हालांकि दो ही लोगों को बचाया जा सका।
हादसे के बाद कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित सुरेश तोलानी पड़ाना उक्त घटनास्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने रेस्क्यू टीम से बात की। कलेक्टर ने बताया कि मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता आरबीसी-6 (4) के तहत दी जाएगी। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया चालक की लापरवाही सामने आई है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पड़ाना में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ है। मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। भगवान मृतकों के परिजन को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।