राजगढ़

Rajgarh News: स्कूलों में सालों से जमे जनशिक्षक हटेंगे, संचालक बोले- ‘जो नियम में है, वो सब होगा’

School News: राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह पहुंचे राजगढ़, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा क्षेत्र के स्कूलों के साथ ही छात्रावासों का भ्रमण कर बच्चों से किया संवाद।
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Aug 14, 2026
Harjinder Singh
Harjinder Singh, Director of Rajya Shiksha Kendra, राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह स्कूल में बच्चों से बात करते हुए (Source-Patrika)

Rajgarh School News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के सरकारी स्कूलों में नियम विरुद्ध सालों से जमे जनशिक्षकों पर विभाग जल्द शिकंजा कसने की तैयारी में है। अभी तक राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रभाव के कारण वे जमे रहे लेकिन अब उन्हें अपनी मूल संस्थाओं में जाकर काम करना होगा, जिस काम के लिए वे शिक्षक बने हैं, वह करना होगा, यानी बच्चों को पढ़ाना होगा। साथ ही जिले के जर्जर स्कूलों की स्थिति में भी अब सुधार की उम्मीद जागी है। शुक्रवार को जिले के भ्रमण पर आए राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने पत्रिका से हुई विशेष बातचीत में यह कहा। उन्होंने कहा कि हमारे लिए प्राथमिकता में ये मुद्दे हैं, जिन्हें हमने नोट कर लिए हैं।

'जो नियम में होगा, वो सब होगा'

पत्रिका ने पूछा कि 12 साल से नियम विरुद्ध जमे इन जन शिक्षकों पर आपके नियमों की तलवार चलेगी, तो हरजिंदर सिंह ने कहा कि विभागीय स्तर पर जो नियमानुसार होगा, वह सब होगा। आगे भी होता रहेगा, इसके लिए हमने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देशित भी किया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता में यह काम है, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं। फिलहाल यहां की संस्थाओं का निरीक्षण भी इसी उद्देश्य से कर रहे हैं। यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी में है। इस दौरान उनके साथ डीपीसी, बीआरसी, जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य स्थानीय अधिकारी भी शामिल हुए।

पांच स्कूलों में शुरू की बच्चों की ई-अटेंडेंस

अब सरकारी स्कूलों में 9 से 12 तक के बच्चों की ऑनलआइन अटेंडेंस लगाई जाएगी। राजगढ़ में इसकी शुरुआत पांच स्कूलों से भी हो चुकी है। संचालक ने बताया कि प्रदेश में सर्वाधिक कर्मचारी हमारे विभाग में है, जहां शत-प्रतिशत ई-अटेंडेंस लगाई जा रही है। यानी अब स्कूलों में शिक्षक पहुंच भी रहे हैं और पढ़ा भी रहे हैं। दूसरी प्राथमिकता पुस्तकों और गणवेश की है, जिस पर हम काम कर रहे हैं। अन्य कार्यों में भी रफ्तार आगामी दिनों में बढ़ाई जाएगी।

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने छात्रावास के बच्चों के साथ खाया खाना (Source- Patrika)

जर्जर स्कूलों के बजट को लेकर बोले- 'हम प्रयासरत हैं'

हर साल जर्जर स्कूलों में दिक्कत होती है। करीब 566 से अधिक स्कूलों की स्थिति खराब है। कुछ जीर्ण-क्षीर्ण है, जिसमें बच्चों को बैठ पाना मुश्किल है। कई जगह खुले बरामदे में बच्चे पढ़ने को मजबूर है, औटलों पर भी क्लासेस लग रही है, आदिवासी गांवों में दिक्कतें ज्यादा है। इस पर संचालक सिंह ने कहा कि यह बात हमने नोट कर ली है। शासन स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर स्कूलों का चयन किया है, जिनकी मरम्मत होना है, उनमें पूरे प्रदेश में राजगढ़ के भी स्कूल शामिल हैं।

'हर शुक्रवार फील्ड में रहना है, इसलिए निरीक्षण पर आए थे'

हरजिंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत अधिकारियों को ऑफिस में बैठने के बजाए फील्ड में जाने के निर्देश हैं। इस दिन फील्ड में जाकर देखना है कि कौन क्या कर रहा है? इसी के तहत हमने कुछ स्कूल जांचे हैं। वहां रेंडमली पहुंचे थे, प्राथमिक स्कूलों के साथ ही कुछ छात्रावास देखे हैं। डीपीसी कार्यालय के पास स्थित छात्रावास में निराश्रित बच्चों को पढ़ाया जाता है, उनके बीच जाकर भी मैंने बात की है, उनके साथ खाना खाया है। वहां की व्यवस्थाएं देखी, वे काफी अच्छी पढ़ाई कर रहे हैं।

Updated on:
14 Aug 2026 09:24 pm
Published on:
14 Aug 2026 09:24 pm